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वृद्ध महिला एवं पुरुष कैदियों को झारखंड सरकार देगी पेंशन योजना का लाभ

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 17 Jul, 2020
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सजा पुनरीक्षण बैठक में नीति बनाने का दिया निर्देश

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वृद्ध कैदियों को पेंशन योजना का लाभ देने का निर्देश दिया है। शुक्रवार को सीएम राज्य सजा पुनरीक्षण समिति की बैठक कर रहे थे। पति की

हत्या के मामले में सजा काट रही 75 वर्षीय महिला की सजा को माफ करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने उक्त निर्देश दिया।

सीएम ने कहा कि जेल से निकलने के बाद वृद्ध महिला का जीवनयापन कैसे होगा। क्या इनका राशन कार्ड है, कारामुक्त होने के उपरांत क्या करेगी। इसकी कुछ योजना बनी है या नहीं।

अगर नहीं तो यथाशीघ्र महिला के परिवार व उनकी आर्थिक स्थिति का पता लगाएं।

यह सुनिश्चित करें कि कारामुक्त हो रहे वृद्ध लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। पेंशन, राशनकार्ड, आवास योजना का लाभ दें।

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एससी व एसटी बंदियों की सूची करें तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अन्य जेलों में बंद वृद्ध बंदियों को पेंशन योजना का लाभ देने के नीति बनाएं, ताकि उन्हें या उनके आश्रितों को आर्थिक मदद मिल सके। कारा प्रशासन द्वारा कार्य के एवज में मिल रहे लाभ के अतिरिक्त पेंशन देने की योजना सरकार की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न कारागार में बंद अनुसूचित जाति व जनजाति बंदियों के अपराध की प्रकृति की सूची तैयार करें। ताकि राज्य सरकार उनके लिए कुछ कर सके।

मनोचिकित्सक की करें बहाली

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदियों को कारामुक्त करने से पूर्व काउंसलिंग करें। ताकि रिहा होने के उपरांत वे किसी तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हों। साथ ही मनोचिकित्सक की नियुक्ति करें, जिससे नियुक्त मनोचिकित्सक राज्य के कारागारों में बंदियों का काउंसलिंग करें। यह राज्य के लिए जरूरी है क्योंकि ज्ञान के अभाव में बंदी कानूनी लड़ाई लड़ पाने में असक्षम हैं।

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जघन्य अपराध के बंदियों पर नहीं हुआ विचार

बंदियों को रिहा करने के लिए बंदियों के अपराध की प्रकृति, आचरण, उम्र, कारा में व्यतीत वर्ष, उनकी आपराधिक मानसिकता (ताकि बाहर निकल कर पुनः अपराध न करे), बंदी के परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अवलोकन कर किया जा रहा है।

जघन्य अपराध की श्रेणी में आने वाले बंदियों पर किसी तरह का विचार नहीं किया जा रहा है। छोटी-छोटी बात व गैर इरादतन हत्या करने के दोषी बन्दियों के मामले भी आये सामने।

इस बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग एल खियांग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक एमवी

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राव, प्रधान सचिव सह विधि परामर्शी विधि विभाग प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष वाणिज्यकर ट्रिब्यूनल संजय प्रसाद, कारा महानिरीक्षक दीपक विद्यार्थी व अन्य उपस्थित थे।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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