processApi - method not exist
Home high court news सरकार व प्रबंधन मिलकर रिम्स की हालत सुधारने का करें प्रयासः हाईकोर्ट

सरकार व प्रबंधन मिलकर रिम्स की हालत सुधारने का करें प्रयासः हाईकोर्ट

रांची। रिम्स के निदेशक की दस दिनों नियुक्ति कर दी जाएगी और यहां पर खाली सभी पदों को पर एक माह में नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। रिम्स की लचर व्यवस्था पर सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने हाई कोर्ट को जानकारी दी। इसके बाद चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन एक ऐसी योजना बनाए, ताकि रिम्स की चिकित्सकीय सुविधा को बेहतर किया जा सके। अदालत ने सरकार और रिम्स को यह बताने को कहा कि इसके सुधार के लिए क्या काम पूरा किया गया और किस तरह के काम की जरूरत है। मामले में अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव और रिम्स की प्रभारी निदेशक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाई कोर्ट में उपस्थित हुए। इस दौरान सचिव ने अदालत को बताया कि रिम्स निदेशक के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दस दिनों नए निदेशक की नियुक्ति कर दी जाएगी। इसके अलावा रिम्स में चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टॉफ और तकनीशियन सहित अन्य पदों पर एक माह में नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है, जिस पर राज्य की अधिकांश आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था निर्भर करती है। अगर रिम्स की हालत लचर है तो आम जनता के स्वास्थ्य का ख्याल रख कैसे रखा जाएगा। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव से कहा कि सरकार रिम्स में ऐसी व्यवस्था करें ताकि किसी भी मरीज को किसी भी प्रकार के जांच एवं मेडिकल सप्लीमेंट्स के लिए रिम्स परिसर से बाहर नहीं जाना पड़े। रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन की सप्लाई हो सके इसकी व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा कोरोना से संबंधित सभी जांचों की रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर दिए जाने की व्यवस्था की जाए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

अदालत ने कहा इस समय युद्ध जैसे हालात है, इससे निपटने के लिए सभी प्रकार के उपाय किए जाने चाहिए। जल्द ही जांच मशीनों की खरीदारी करने अगर जरूरत हो तो प्रावधनों में बदलाव किया जाए। अदालत ने रिम्स के प्रभारी निदेशक से पूछा कि जब रिम्स को सालाना सौ करोड़ रुपये दिए जाते हैं, वे पैसे जाते कहां है। उनकी ओर से कहा गया उक्त पैसे रिम्स में कार्यरत लोगों की सैलरी और मेंटनेंस पर खर्च किए जाते हैं। इस पर अदालत ने कहा कि अभी तो रिम्स में आधे से कम पदों पर लोग कार्यरत हैं।

इसे भी पढ़ेंः पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड के आरोपी टीपरू वर्मा की जमानत खारिज

RELATED ARTICLES

जेएसएससी नियुक्ति में राज्य के संस्थान से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास होने की अनिवार्य शर्त पर झारखंड सरकार कायम

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में जेपीएससी परीक्षा नियुक्ति में दसवीं और...

छात्र विनय महतो हत्याकांडः पिता ने लड़ी चार साल की कानूनी लड़ाई, अब 12 साल के बेटे के हत्यारों का खुलेगा राज सीबीआई करेगी...

छात्र विनय महतो हत्याकांड- पिता ने लड़ी चार साल की कानूनी लड़ाईः सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की हत्या मामले...

ANM Exam: हाई कोर्ट ने कहा- सभी छात्रों को 18 मई तक जारी करें एडमिट कार्ड

ANM Exam: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में एएनएम और जीएनएम की परीक्षा का एडमिट कार्ड रद किए...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

जेएसएससी नियुक्ति में राज्य के संस्थान से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास होने की अनिवार्य शर्त पर झारखंड सरकार कायम

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में जेपीएससी परीक्षा नियुक्ति में दसवीं और...

ईडी को ललकारने वाले सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से छह दिन होगी पूछताछ

अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा...

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

जांच अधिकारी ने नहीं दी गवाही, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी साक्ष्य के अभाव में बरी

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी समेत चार आरोपी को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में...