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सरकार व प्रबंधन मिलकर रिम्स की हालत सुधारने का करें प्रयासः हाईकोर्ट

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 01 Oct, 2020
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RIMS in Ranchi
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रांची। रिम्स के निदेशक की दस दिनों नियुक्ति कर दी जाएगी और यहां पर खाली सभी पदों को पर एक माह में नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। रिम्स की लचर व्यवस्था पर सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने हाई कोर्ट को जानकारी दी। इसके बाद चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने कहा कि राज्य सरकार और रिम्स प्रबंधन एक ऐसी योजना बनाए, ताकि रिम्स की चिकित्सकीय सुविधा को बेहतर किया जा सके। अदालत ने सरकार और रिम्स को यह बताने को कहा कि इसके सुधार के लिए क्या काम पूरा किया गया और किस तरह के काम की जरूरत है। मामले में अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव और रिम्स की प्रभारी निदेशक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाई कोर्ट में उपस्थित हुए। इस दौरान सचिव ने अदालत को बताया कि रिम्स निदेशक के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। दस दिनों नए निदेशक की नियुक्ति कर दी जाएगी। इसके अलावा रिम्स में चिकित्सक, पारा मेडिकल स्टॉफ और तकनीशियन सहित अन्य पदों पर एक माह में नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है, जिस पर राज्य की अधिकांश आबादी की स्वास्थ्य व्यवस्था निर्भर करती है। अगर रिम्स की हालत लचर है तो आम जनता के स्वास्थ्य का ख्याल रख कैसे रखा जाएगा। अदालत ने स्वास्थ्य सचिव से कहा कि सरकार रिम्स में ऐसी व्यवस्था करें ताकि किसी भी मरीज को किसी भी प्रकार के जांच एवं मेडिकल सप्लीमेंट्स के लिए रिम्स परिसर से बाहर नहीं जाना पड़े। रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन की सप्लाई हो सके इसकी व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा कोरोना से संबंधित सभी जांचों की रिपोर्ट 48 घंटे के अंदर दिए जाने की व्यवस्था की जाए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

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अदालत ने कहा इस समय युद्ध जैसे हालात है, इससे निपटने के लिए सभी प्रकार के उपाय किए जाने चाहिए। जल्द ही जांच मशीनों की खरीदारी करने अगर जरूरत हो तो प्रावधनों में बदलाव किया जाए। अदालत ने रिम्स के प्रभारी निदेशक से पूछा कि जब रिम्स को सालाना सौ करोड़ रुपये दिए जाते हैं, वे पैसे जाते कहां है। उनकी ओर से कहा गया उक्त पैसे रिम्स में कार्यरत लोगों की सैलरी और मेंटनेंस पर खर्च किए जाते हैं। इस पर अदालत ने कहा कि अभी तो रिम्स में आधे से कम पदों पर लोग कार्यरत हैं।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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