processApi - method not exist
Home Supreme Court News शिक्षक नियुक्ति मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति रद करने के...

शिक्षक नियुक्ति मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति रद करने के हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

रांची। सुप्रीम कोर्ट से झारखंड के 8423 शिक्षकों को अंतरिम राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दिया है, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य की नियोजन नीति के तहत 13 जिलों में हुई शिक्षक नियुक्ति को रद करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अतिआवश्यक मानते हुए कहा कि इस मामले में चार नवंबर को विस्तृत सुनवाई की जाएगी। इसबीच हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक रहेगी, जिसके तहत इन जिलों में हुई नियुक्ति को रद किया गया है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार, जेएसएससी, सोनी कुमारी सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें जवाब देने का निर्देश दिया है। बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि उनकी नियुक्ति हो गई है। उन्हें हटाया जाना सही नहीं है, क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि निर्धारित की है।

इसे भी पढ़ेः आरोग्य सोसाइटी के संविदा कर्मियों को निकाला, कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को निर्णय लेने का दिया आदेश

इस मामले में सोनी कुमारी की ओर से हाईकोर्ट में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता ललित कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की थी। उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने 13 जिलों में नियुक्ति हुए 8423 शिक्षकों की नियुक्ति को रद करने वाले हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले में चार नवंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है। इस मामले में उन्हें और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है।

गौरतलब है कि हाईकोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र, जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियोजन नीति पर सुनवाई करते हुए इस नीति को असंवैधानिक घोषित कर दिया और इसके तहत 13 जिलों में हुई नियुक्ति को रद करते हुए दोबारा नियुक्ति करने का आदेश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि किसी भी हाल में किसी पद को स्थानीय लोगों को शत-प्रतिशत आरक्षित नहीं किया जा सकता है। इसको लेकर सोनी कुमारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

RELATED ARTICLES

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

Mediclaim Policy पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा-बीमा किया है तो देना होगा क्लेम

New Delhi: Mediclaim Policy सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक बार बीमा करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर...

धर्म संसद में नरसंहार के आह्वान का आरोप, CJI को वकीलों ने लिखा पत्र; संज्ञान लेने की मांग

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के 76 अधिवक्ताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना को पत्र लिखा है। पत्र में हरिद्वार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

जेएसएससी नियुक्ति में राज्य के संस्थान से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास होने की अनिवार्य शर्त पर झारखंड सरकार कायम

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में जेपीएससी परीक्षा नियुक्ति में दसवीं और...

ईडी को ललकारने वाले सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से छह दिन होगी पूछताछ

अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा...

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

जांच अधिकारी ने नहीं दी गवाही, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी साक्ष्य के अभाव में बरी

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी समेत चार आरोपी को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में...