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शिक्षक नियुक्ति मामलाः सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्ति रद करने के हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 14 Oct, 2020
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रांची। सुप्रीम कोर्ट से झारखंड के 8423 शिक्षकों को अंतरिम राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दिया है, जिसमें हाईकोर्ट ने राज्य की नियोजन नीति के तहत 13 जिलों में हुई शिक्षक नियुक्ति को रद करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अतिआवश्यक मानते हुए कहा कि इस मामले में चार नवंबर को विस्तृत सुनवाई की जाएगी। इसबीच हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक रहेगी, जिसके तहत इन जिलों में हुई नियुक्ति को रद किया गया है।

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार, जेएसएससी, सोनी कुमारी सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए उन्हें जवाब देने का निर्देश दिया है। बुधवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि उनकी नियुक्ति हो गई है। उन्हें हटाया जाना सही नहीं है, क्योंकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। इसके बाद अदालत ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए चार नवंबर की तिथि निर्धारित की है।

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इस मामले में सोनी कुमारी की ओर से हाईकोर्ट में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता ललित कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की थी। उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने 13 जिलों में नियुक्ति हुए 8423 शिक्षकों की नियुक्ति को रद करने वाले हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले में चार नवंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है। इस मामले में उन्हें और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है।

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गौरतलब है कि हाईकोर्ट के जस्टिस एचसी मिश्र, जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियोजन नीति पर सुनवाई करते हुए इस नीति को असंवैधानिक घोषित कर दिया और इसके तहत 13 जिलों में हुई नियुक्ति को रद करते हुए दोबारा नियुक्ति करने का आदेश दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि किसी भी हाल में किसी पद को स्थानीय लोगों को शत-प्रतिशत आरक्षित नहीं किया जा सकता है। इसको लेकर सोनी कुमारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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