high court news

Teacher Appointment: चार साल बाद नियमों में नहीं हो सकता बदलाव, निदेशक के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे शिक्षक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 05 Nov, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
jharkhand high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Teacher Appointment झारखंड हाईकोर्ट में शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई है। जिसमें चार साल से नियुक्ति उन शिक्षकों को चिन्हित करने को कहा गया है, जिनकी नियुक्ति जिस विषय के शिक्षक के रूप में हुई है, वो विषय उनकी स्नातक की डिग्री में मुख्य विषय हो न कि वैकल्पिक विषय।

उक्त आदेश के खिलाफ अनुसूचित जिलों में नियुक्ति शिक्षक की ओर से एंजेला भेंगरा व 99 अन्य की ओर से तथा गैर अनुसूचित जिलों के लिए ब्रजभूषण कुमार दास व 40 वादियों की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। वादियों के अधिवक्ता चंचल जैन ने सभी याचिकाएं अदालत में दाखिल की हैं।

See also  Transfer: मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का तबादला रुकवाने पर अड़े 237 वकीलों ने जताया विरोध, पूछ तीखे सवाल

चंचल जैन ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 21 अक्टूबर 2021 को एक पत्र जारी कर जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वर्ष 2016 में जारी शिक्षक नियुक्ति के विज्ञापन से नियुक्ति ऐसे शिक्षकों को चिन्हित करें जिनकी नियुक्ति जिस विषय के शिक्षक के रूप में हुई है। उनके स्नातक की डिग्री में वह विषय मुख्य विषय हो न कि वैकल्पिक।

इसे भी पढ़ेंः Consumer Protection Act: शिक्षा उपभोक्ता कानून के दायरे में आएगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट इस पर करेगा सुनवाई

निदेशक की ओर से जारी आदेश में झारखंड हाईकोर्ट के (LPA 304/16) के एक केस का हवाला दिया गया है। इस केस में अदालत ने माना था कि विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी को स्नातक की डिग्री में उक्त विषय को मुख्य या वैकल्पिक रूप में लेना होगा है। अनिवार्य विषय को मान्यता नहीं दी जा सकती है।

See also  आप 30 साल मर्जी से यौन संबंध बना रहे थे तो अब शिकायत क्यों? HC ने खारिज की महिला की याचिका

याचिका में कहा गया है कि शिक्षा विभाग की ओर से अदालत के उक्त फैसले को गलत तरीके से पढ़ा एवं समझा गया है। इसलिए माध्यमिक निदेशक की ओर से जारी पत्र बिल्कुल गलत है। इसके अलावा माध्यमिक निदेशक को ऐसा आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है।

यह विज्ञापन वर्ष 2015 के नियमावली के तहत जारी किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत है। जिसे एक सरकारी (एग्जक्यूटिव) आदेश से नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता है। वो भी तब जब इस मामले में सारी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और चयनित चार साल से नौकरी कर रहे हों।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment