जज बनने के लिए तीन साल की वकालत होने के खिलाफ आंध्रप्रदेश को नोटिस

अदालत आर वेंकटेश की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें आंध्र प्रदेश राज्य न्यायिक सेवा नियमों की उस शर्त को चुनौती दी गई।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सिविल जज परीक्षा के लिए वकील को कम से कम तीन साल वकालत वाले नियम के खिलाफ याचिका पर आंध्र प्रदेश सरकार को नोटिस दिया है।

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस इंदिरा बनर्जी एवं जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने (Andhra pradesh) आंध्र हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी किया।

अदालत आर वेंकटेश की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें आंध्र प्रदेश राज्य न्यायिक सेवा नियमों की उस शर्त को चुनौती दी गई।

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जिसमें कहा गया कि सिविल जज बनने के लिए कम से कम तीन साल वकालत का अनुभव होना चाहिए। इसमें तीन दिसंबर को जारी अधिसूचना पर सवाल उठाया गया है जिसमें सिविल जज पद के लिए आवेदन मांगे गए थे।

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तरीख 2 जनवरी है। पीठ ने याचिका पर आंध्र प्रदेश व अन्य को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 5 जनवरी को होगी। 

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