processApi - method not exist
Home Supreme Court News सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैच्युटी को लेकर सुनाया अहम फैसला, जानिए पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैच्युटी को लेकर सुनाया अहम फैसला, जानिए पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैच्युटी पर अहम फैसला सुनाते हुए कहा अगर किसी कर्मचारी का नौकरी के दौरान या फिर रिटायरमेंट के बाद किसी तरह का बकाया है तो फिर उसकी ग्रैच्युटी का पैसा रोका अथवा जब्त किया जा सकता है।

नई दिल्लीः (Supreme Court) सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैच्युटी (Gratuity) पर अहम फैसला सुनाते हुए कहा अगर किसी कर्मचारी का नौकरी के दौरान या फिर रिटायरमेंट के बाद किसी तरह का बकाया है तो फिर उसकी ग्रैच्युटी का पैसा रोका अथवा जब्त किया जा सकता है।

जस्टिस संजय के. कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी की ग्रैच्युटी से दंडात्मक किराया- सरकारी आवास में रिटायरमेंट के बाद रहने के लिए जुर्माना सहित किराया वसूलने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं है।

यह मामला झारखंड से जुड़े हैं। जहां स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने एक कर्मचारी से 1.95 लाख रुपये की जुर्माना राशि वसूल करने का प्रयास किया था जिसने अपना बकाया और ओवरस्‍टे क्लियर नहीं किया था।

इसे भी पढ़ेंः Court News 2020: विधायक ढुल्लू महतो को राहत, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को लगा झटका

उक्त कर्मचारी 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद बोकारो में आधिकारिक आवास में रहा। झारखंड हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के 2017 के आदेश के तहत सेल को कर्मचारी की ग्रेच्युटी तुरंत जारी कराने का आदेश दिया। हालांकि कोर्ट ने सेल को सामान्य किराए की मांग को बढ़ाने की अनुमति दी।

सुप्रीम कोर्ट के 2005 के फैसले का भी हवाला दिया जब उसने नियोक्ता द्वारा उसे प्रदान किए गए आवास के अनधिकृत कब्जे के लिए एक कर्मचारी से दंडात्मक किराया की वसूली को बरकरार रखा था। इस फैसले में, हालांकि अदालत ने स्वीकार किया कि ग्रैच्युटी जैसे पेंशन लाभ एक ईनाम नहीं है। यह माना गया था कि बकाया की वसूली संबंधित कर्मचारी की सहमति के बिना ग्रैच्‍युटी से की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने अब हाईकोर्ट के आदेश का एक हिस्सा तय किया है जो कहता है कि सेल ग्रैच्‍युटी राशि से बकाया की वसूली नहीं कर सकता है। हालांकि, इसने आदेश के मौद्रिक पहलू के साथ हस्तक्षेप नहीं किया। यह देखते हुए कि एक छोटी राशि शामिल है और हाल ही के वर्षों में सेल की आवासीय योजना में भी बदलाव आया है।

RELATED ARTICLES

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

Mediclaim Policy पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, कहा-बीमा किया है तो देना होगा क्लेम

New Delhi: Mediclaim Policy सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक बार बीमा करने के बाद बीमा कंपनी प्रस्तावक फार्म में उजागर...

धर्म संसद में नरसंहार के आह्वान का आरोप, CJI को वकीलों ने लिखा पत्र; संज्ञान लेने की मांग

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के 76 अधिवक्ताओं ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना को पत्र लिखा है। पत्र में हरिद्वार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

जेएसएससी नियुक्ति में राज्य के संस्थान से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास होने की अनिवार्य शर्त पर झारखंड सरकार कायम

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में जेपीएससी परीक्षा नियुक्ति में दसवीं और...

ईडी को ललकारने वाले सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से छह दिन होगी पूछताछ

अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा...

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

जांच अधिकारी ने नहीं दी गवाही, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी साक्ष्य के अभाव में बरी

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी समेत चार आरोपी को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में...