एनएच प्रोजेक्ट में देरी पर पटना हाईकोर्ट की फटकार, कहा- कर्तव्यों का निर्वहन करने में अधिकारी फेल

Patna High Court पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अधिकारियों की विफलता है, जिसके कारण राज्य में कई राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में देरी हुई है।

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Patna high court

Patna: Patna High Court पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह अधिकारियों की विफलता है, जिसके कारण राज्य में कई राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में देरी हुई है। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ राज्य में नेशनल हाईवे निर्माण परियोजनाओं के संबंध में कम से कम 28 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

इस साल मार्च में परियोजनाओं की निगरानी शुरू करने के बाद हाईकोर्ट ने कम से कम 35 जनहित याचिकाओं पर स्वत: संज्ञान लिया गया है। सुनवाई के दौरान, पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि उसे परियोजनाओं की निगरानी में कोई दिलचस्पी नहीं है, लेकिन ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं।

इससे कुछ परियोजनाओं को पूरा करने में 10 साल तक की देरी हुई है। अदालत ने मौखिक रूप से यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से वहन की जाने वाली परियोजनाओं की लागत देरी के कारण तेजी से बढ़ती है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार निर्माण कार्य के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहण करने और सभी प्रकार के अतिक्रमण को हटाकर समयबद्ध तरीके से एनएचएआई को सौंपने में विफल रही है।

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अदालत ने कहा कि राज्य सरकार को एक स्थायी निगरानी प्रकोष्ठ स्थापित करने के बारे में सोचना चाहिए, जो एनएच निर्माण परियोजनाओं की निगरानी के लिए जिम्मेदार होगा, जिससे हाई कोर्ट के कीमती समय की बचत होगी। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हाजीपुर के रामाशीष चौक से अतिक्रमण हटाएं और 24 घंटे के भीतर जो पुलिस भवन है, उसे ‘साफ’ कर दिया जाए, ताकि उस जगह को मुजफ्फरपुर से जोड़ने के लिए बनने वाले नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए एनएचएआई को सौंपी जा सके।

अदालत ने छपरा-हाजीपुर एनएच के खंड के निर्माण में शामिल ठेकेदार को अगले 45 दिनों में इसे पूरा करने का निर्देश दिया था। एनएचएआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसडी संजय पेश हुए जबकि अतिरिक्त महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने अदालत में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व किया। हाई कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 19 अगस्त को करेगा।