रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने गढ़वा जिले में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में एक संस्था द्वारा लिखे पत्र पर संज्ञान लिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अगर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच को लेकर क्या-क्या कदम उठाया गया है। इसकी जानकारी मांगी है।

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अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 27 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। हाई कोर्ट में लिखे पत्र कहा गया है कि गढ़वा जिले के एक नाबालिग लड़की के साथ तीस अक्टूबर को सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई है। बताया जाता है कि 30 अक्टूबर की शाम लगभग 4:30 बजे तीनों लड़के नाबालिग के खेत के आसपास घूम रहे थे। वहां किसी न देखकर तीनों उससे छेड़छाड़ करने लगे।

इसके बाद तीनों ने नाबालिग को पहाड़ी पर चलने को कहा। जब लड़की ने विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू किया तो आरोपियों ने उसके मुंह में दुपट्टा ठूंसकर दिया और धमकाते हुए पहाड़ पर ले गए, जहां सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। पीड़िता के परिजनों ने एक नवंबर को थाने में आवेदन देकर तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है।