रांची। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे (MP Nishikant Dubey) की पत्नी अनामिका गौतम (Anamika Gautam) को देवघर में जमीन खरीदने से जुड़े एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) से अंतरिम राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने अनामिका गौतम की याचिका पर सुनवाई करते हुए इनके खिलाफ किसी भी प्रकार की उत्पीड़क कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि अनामिका गौतम को पुलिस गिरफ्तार नहीं करेगी। इस दौरान जब भी जांच अधिकारी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाएं वे वहां पर उपस्थित होंगी। अगर जांच में वे सहयोग नहीं करती हैं, तो पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने को स्वतंत्र है। इस दौरान अदालत ने उनकी कंपनी को भी राहत प्रदान की है।

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इस संबंध में अनामिका गौतम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर प्राथमिकी को रद करने की मांग की है। अनामिका गौतम के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विष्णुकांत झा व किरण सिंह ने अनामिका गौतम और उनकी कंपनी ऑनलाइन इंटरटेनमेंट प्रा.लि के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। विष्णुकांत झा की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि जिस जमीन को अनामिका गौतम ने खरीदी है उसका सरकारी मूल्य लगभग बीस करोड़ रुपये है।

इससे सरकार को राजस्व का घाटा हुआ है, लेकिन जमीन की सरकारी दर पर स्टांप ड्यूटी दी है। ऐसे में सरकार को कोई हानि नहीं हुई है। वहीं, किरण सिंह की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि धोखाधड़ी करके उक्त जमीन खरीदी गई है, क्योंकि इस जमीन को उन्होंने खरीदा था। कहा गया कि उक्त जमीन पर किरण सिंह का दावा गलत है, क्योंकि फर्जी डीड के सहारे जमीन खरीदने की बात सामने आने के बाद रजिस्ट्रार ने खुद प्राथमिकी दर्ज कराई है।

सुनवाई के दौरान कहा गया कि अनामिका गौतम पर धोखाधड़ी का मामला नहीं बनता है। क्योंकि उन्होंने तो सिर्फ जमीन खरीदी है। अगर उक्त जमीन दो लोगों को बेची गई है तो धोखाधड़ी का मामला बेचने वाले पर दर्ज होना चाहिए था। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अनामिका गौतम को राहत प्रदान करते हुए सरकार से जवाब मांगा है।