रांची। Jharkhand High Court News झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने एचईसी के ठेका श्रमिक (Contract Workers) को ग्रेच्युटी (Gratuity Benefits) का हकदार मानते हुए राशि भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने एचईसी प्रबंधन को श्रमिक को सेवानिवृत्ति की तिथि से हर साल राशि पर दस फीसदी ब्याज का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है।

अदालत ने उक्त राशि आठ सप्ताह में भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने अपने आदेश में श्रम न्यायालय के आदेश को सही करार देते हुए कहा कि ठेका श्रमिक को ग्रेच्युटी का हकदार है। इस आदेश से एचईसी के ठेका और सप्लाई श्रमिकों को राहत मिली है। अब सभी ग्रेज्युटी का हकदार माने जाएंगे और सभी को इसका भुगतान करना होगा। इसका लाभ उन्हें भी मिलेगा, जो ठेका श्रमिक सेवानिवृत्त हो गए हैं।

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दरअसल, एचईसी के ठेका श्रमिक पांडु टोपनो ने सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी का दावा करते हुए श्रम न्यायालय में आवेदन दिया था। सुनवाई के दौरान श्रम न्यायालय ने कहा था कि किसी भी संस्थान में कार्यरत कैजुअल श्रमिक भी ग्रेच्युटी के हकदार हैं। लेकिन एचईसी प्रबंधन का कहना था कि ग्रेच्युटी का लाभ सिर्फ स्थाई कर्मियों को ही मिल सकता है। एचईसी के दावे को खारिज करते हुए केंद्रीय श्रम न्यायालय ने पांडु टोपनो को ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

इसी आदेश के खिलाफ एचईसी प्रबंधन ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए श्रम न्यायालय के आदेश को सही ठहराया और एचईसी की याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट के इस आदेश से विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत अस्थाई और कैजुअल श्रमिकों को लाभ होगा और वह ग्रेच्युटी के हकदार हो माने जाएंगे।