high court news

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को फंड नहीं देने पर हाईकोर्ट नाराज, कहा सरकार कर रही कोर्ट की अवमानना

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 30 Jan, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Jharkhand High Court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रांची स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को हर साल फंड नहीं देने के सरकार के शपथपत्र पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने सरकार के शपथपत्र को नामंजूर कर दिया।

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शपथपत्र से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार की मंशा कोर्ट के अपमान करने की है।

अदालत ने सरकार को नया शपथपत्र पांच फरवरी तक दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट लगातार सरकार को इस यूनिवर्सिटी को चलाने के लिए फंड देने को कह रही है।

लेकिन सरकार इस महत्वपूर्ण संस्थान के प्रति उदासीन है। सरकार के शपथपत्र देखने से लगता है कि सरकार अदालत का अपमान कर रही है। सरकार को अपना रवैया बदलना होगा और इस महत्वपूर्ण संस्थान को चलाने की गंभीरता दिखानी होगी।

See also  Jharkhand News/H Court: रिम्स की जमीन से अतिक्रमण हटाओ अभियान रहेगा जारी, हाईकोर्ट ने अभियान रोकने से किया इनकार

सरकार ने शपथपत्र दाखिल कर कहा था कि यूनिवर्सिटी से पैसे की जरूरत बताने को कहा गया है। सरकार यूनिवर्सिटी को हर साल फंड नहीं दे सकती। यह यूनिवर्सिटी स्व पोषित है और उसे खुद संस्थान को चलाना होगा।

इसे भी पढ़ेंः Lalu Yadav: लालू प्रसाद को अभी रहना होगा जेल में, जमानत पर 12 फरवरी को सुनवाई

यूनिवर्सिटी के गठन के समय सरकार को एक मुश्त राशि देनी थी, जो उसे दे दी गयी है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि राशि सरकार को ही उपलब्ध कराना है, यह भी प्रावधान में है।

आखिर राज्य सरकार क्यों नहीं इस विश्वविद्यालय को चलाना चाहती है। राज्य में पांच साल के पाठ्यक्रम वाला यह एकमात्र राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है। दूसरे कार्यों में सरकार पैसा खर्च कर रही है और एक ख्याति प्राप्त संस्थान के लिए पैसे देने में क्यों पीछे हट रही है यह समझ से परे है।

See also  एनटीपीसी के 3000 करोड़ के मुआवजा घोटाले की जांच करेगी ईडी

इसके बाद अदालत ने मुख्य सचिव को तत्काल ऑनलाइन हाजिर होने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव के हाजिर होने के बाद कोर्ट ने कहा कि सरकार राज्य के इतने बड़े संस्थान को क्यों नहीं चलाना चाहती है।

इसे चलाने के लिए फंड की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है। कोर्ट के पिछले आदेश, कोर्ट की मंशा और यूनिवर्सिटी के महत्व को देखते हुए सरकार को क्या परेशानी है। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि इस मामले पर सरकार विचार करेगी और निर्णय से अवगत कराया जाएगा।

यह नीतिगत मामला है और कैबिनेट में भी इसे ले जाना होगा। इस पर कोर्ट ने सरकार को पांच फरवरी तत प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment