Supreme Court News

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी, बनेगा नया संसद भवन

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Jan, 2021
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रांचीः सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। जस्टिस एएम खानविल्कर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने दो-एक के बहुमत से प्रोजेक्ट को मंजूरी प्रदान की है।

इसके बाद नए संसद भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने पेपरवर्क को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि जमीन का डीडीए की तरफ से लैंड यूज बदलना सही है। कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय द्वारा दी गई सिफारिशों को बरकरार रखा और निर्माण के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखने की बात कही।

इसके अलावा निर्माण के दौरान स्मॉग टावर लगाने और निर्माण से पहले हेरिटेज कमिटी की भी मंजूरी लेने को कहा। जस्टिस खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी के अलावा पीठ के तीसरे जज जस्टिस संजीव खन्ना ने भी परियोजना को मंजूरी पर सहमति जताई।

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लेकिन भूमि उपयोग में बदलाव संबंधी फैसले और परियोजना को पर्यावरण मंजूरी दिए जाने पर असहमति जताई। गौरतलब है कि लुटियंस जोन में सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण को चुनौती देने वाली याचिकाओं में पर्यावरण मंजूरी समेत कई मुद्दों को उठाया गया था।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिसंबर को पिछली सुनवाई में नए संसद भवन के लिए आधारशिला रखने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके साथ में यह भी निर्देश दिया था कि कोई निर्माण नहीं होगा। मामले में कोर्ट ने पिछले साल पांच नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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सरकार की ओर से भी आश्वासन दिया गया था कि लंबित याचिकाओं पर फैसला आने से पहले वहां पर निर्माण या विध्वंस का कोई कार्य नहीं होगा। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बताया था कि 20 हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से पैसों से बर्बादी नहीं होगी। इससे सालाना करीब एक हजार करोड़ रुपये की बचत होगी, जो फिलहाल मंत्रालयों के किराए पर खर्च हो रहे हैं।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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