रांची। Jharkhand High Court झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को छठी जेपीएससी (6th JPSC EXAM) के अंतिम परिणाम को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने याचिका लंबित रहने तक छठी जेपीएससी की मुख्य परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों के उत्तरपुस्तिका को सुरक्षित रखने के आदेश दिया। इसके अलावा जेपीएससी को आदेश दिया है कि वे सभी सफल अभ्यर्थियों का पता वादी को उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें प्रतिवादी बनाया जा सके।

सुनवाई के दौरान वादी दिलीप कुमार सिंह के अधिवक्ता विकास कुमार ने अदालत को बताया कि 24 सितंबर 2020 के आदेश के आलोक में मुख्य परीक्षा में सफल सभी 326 अभ्यर्थियों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया था। इसमें 263 अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अपना वकालतनामा दाखिल कर दिया है। इसके बाद अदालत ने प्रार्थी को सभी सफल अभ्यर्थियों को प्रतिवादी बनाते हुए संशोधित याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।

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इसके लिए जेपीएससी सभी सफल अभ्यर्थियों का पता प्रार्थी को उपलब्ध कराएगी। इसके बाद अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब है कि छठी जेपीएससी परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट में दिलीप कुमार सिंह सहित अन्य याचिकाएं दाखिल की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि जेपीएससी ने अंतिम परिणाम जारी करने में बहुत गड़बड़ी की है।

जेपीएससी ने पेपर वन (हिंदी व अंग्रेजी) के क्वालिफाइंड अंक को कुल प्राप्तांक में जोड़ दिया है। इससे वैसे अभ्यर्थी मेरिट सूची से बाहर हो गए है, जिन्हें अन्य पेपर में ज्यादा अंक मिले हैं। जबकि यह विज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन है। विज्ञापन में पेपर वन सिर्फ पास होने का अंक लाना था, जिसे प्राप्तांक में नहीं जोड़ा जाना था, लेकिन जेपीएससी ने इसे भी कुल प्राप्तांक में जोड़ कर परिणाम जारी किया है।

जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल व अधिवक्ता प्रिंस कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। इस दौरान करीब 16 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई हुई।