रांची। झारखंड के विधायक नवीन जायसवाल के आवास खाली कराने के आदेश के मामले में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने सरकार के जवाब का अवलोकन करने के बाद मौखिक रूप से कहा कि जब अदालत ने पूरे विधायकों के आवंटित आवास और उसका आधार बताने को कहा था, तो सिर्फ 13 विधायकों के बारे में ही जानकारी क्यों दी गई है। सुनवाई के दौरान नवीन जायसवाल की ओर से कहा गया कि सरकार का जवाब बुधवार को मिला है। इसपर जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाये। जिसको अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले अगली सुनवाई 25 नवंबर की निर्धारित की गई है।


बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से विधायको को किस आधार पर आवास आवंटित किया जाता है। इसपर जवाब तलब किया था। इससे पहले एकलपीठ ने विधायक नवीन जायसवाल को दो सप्ताह में आवास खाली करने का आदेश दिया था। इसको चुनौती देते हुए विधायक ने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार ने राजनीति से प्रेरित होकर आवास का आवंटन किया गया है। इस पर एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि झारखंड में विधायको व मंत्रियों को आवास आवंटित करने के लिए नियमावली नहीं है। भविष्य में आवास आवंटन में पारदर्शिता के लिए सरकार को एक नियमावली बनाने का निर्देश दिया।


नवीन जायसवाल ने अपनी याचिका में कहा है कि आवास खाली करने के लिए किसी सक्षम पदाधिकारी ने आदेश नहीं दिया है। इसलिए सरकार के आदेश को रद किया जाए।