Civil Court News

तीन हजार घूस लेने के मामले सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, अब जाना पड़ा जेल

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 29 Aug, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
civil court of ranchi
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Bribes News रिश्वत मामले में सजायाफ्ता वनांचल ग्रामीण बैंक के लिपिक सह कैशियर विजय कुमार को सीबीआई ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे बिरसा मुंडा केन्द्रीय कारा होटवार भेज दिया गया। सीबीआई ने फरार अभियुक्त विजय को शुक्रवार को पलामू के पांडु इलाके से गिरफ्तार किया था।

उसको तीन हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने 31 मई 2017 को दो साल कैद एवं 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे अतिरिक्त नौ महीने जेल काटनी होगी। सजा के खिलाफ अभियुक्त हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट गया। लेकिन कही राहत नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी। साथ ही संबंधित अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। लेकिन अभियुक्त ने सरेंडर नहीं किया। सीबीआई ने अक्तूबर 2020 में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया था।

See also  धनबाद में कोयला चोरी में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता की सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

इसे भी पढ़ेंः झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता करेंगे आंदोलन, दो सितंबर को बुलाई गई ऑनलाइन बैठक, जाने पूरा मामला

बता दें कि अभियुक्त विजय कुमार ने कमलेश शर्मा नामक व्यक्ति का केसीसी लोन पास करने के एवज में तीन हजार रुपये रिश्वत ली थी। सीबीआई रिश्वत की राशि के साथ डाल्टेनगंज के एक होटल में 24 जुलाई 2009 को गिरफ्तार किया था।

शिक्षक नियुक्ति मामले में सरकार से मांगा जवाब
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में गैर अनुसूचित जिलों में शिक्षक नियुक्ति को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि इस अभी तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है।

See also  हाई कोर्ट ने कहा- महिलाएं ‘पुरुषों के खिलाफ कानून का गलत इस्तेमाल कर रही’

इस मामले में ओम कपूर की ओर से अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि कोर्ट ने राज्य सरकार को शिक्षक नियुक्ति के मामले में निर्णय लेने का आदेश दिया था।

लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और सोनी कुमारी के पारा 66 में यह स्पष्ट है कि गैर अनुसूचित जिलों की नियुक्ति पर रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि गैर अनुसूचित जिलों में नियुक्ति से संबंधित कोई मामला लंबित नहीं है।

See also  Court News: Ranchi हिंसा मामले में 5 को 2-2 साल की सजा, कोर्ट 10-10 हजार का लगाया जुर्माना

इसके बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सोनी कुमारी के पारा 66 पर राज्य सरकार को तैयार होकर अदालत में आने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई दस सितंबर को होगी।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment