high court news

Liquor Policy: शराब नीति मामले में हाईकोर्ट में सरकार की ओर से रखा जाएगा पक्ष

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 07 Sep, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Jharkhand High Court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Liquor Policy झारखंड हाईकोर्ट में थोक शराब बिक्री को लेकर बनाई गई नई नियमवाली के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई होगी। इस मामले में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सुनाई होनी है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्टेट वेबरेज कारपोरेशन की संपत्ति को बेचने के मामले में अगले आदेश तक यथास्थिति (स्टेट्स को) बनाए रखने का आदेश दिया है।

पिछली सुनवाई को ही प्रार्थी झारखंड रिटेल लिकर वेंडर एसोसिएशन की ओर से बहस पूरी कर ली गई है। आज राज्य सरकार की ओर से इस मामले में बहस की जानी है। इस मामले की पूर्व में सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि कोर्ट के अंतिम आदेश से लाइसेंस की प्रक्रिया प्रभावित होगी, लेकिन लाइसेंस जारी करते समय इस शर्त का उल्लेख क्यों नहीं किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। इसी दौरान झारखंड स्टेट बेवरेज कारपोरेशन लिमिटेड की संपत्ति बेचे जाने का मुद्दा उठाया गया।

See also  HC News: High Court ने सरकारी विभागों की 'प्रशासनिक सुस्ती' को अपील में देरी माफ करने का आधार नहीं माना, डॉक्टर की बहाली का फैसला बरकरार

इस पर अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। करीब तीन घंटे सुनवाई दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अपराजिता भारद्वाज, कुमारी सुगंधा और तान्या सिंह ने अदालत को बताया कि झारखंड उत्पाद अधिनियम-1915 की धारा 20-22 और 38 के अनुसार लाइसेंस निर्गत करने के लिए सक्षम पदाधिकारी कलेक्टर होते हैं।

इसे भी पढ़ेंः नीट-यूजी परीक्षा पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार, कहा- प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना अनुचित

लेकिन नई नियमावली में उक्त अधिकार उत्पाद आयुक्त को दे दिया गया है। अधिनियम की धारा-90 के अनुसार लाइसेंस निर्गत करने के लिए शर्तों का निर्धारण अथवा नियम बनाने का अधिकार बोर्ड आफ रेवन्यू को दिया गया है, लेकिन सरकार ने ही सभी नियम बना दिए हैं। ऐसे में नई नियमावली अवैध एवं गैरकानूनी है।

See also  Ranchi/CBI: रिश्वत मामले के आरोपी सब-पोस्ट मास्टर को कोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार, याचिका खारिज

इसलिए अदालत इस मामले में उचित निर्णय पारित करे। वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने कहा कि इसको लेकर राज्य सरकार ने नौ जून 2021 को गजट प्रकाशन किया। इसमें विभाग ने नई नियमावली लागू करने की तिथि आठ अगस्त 2021 तय की थी।

लेकिन नई नियमावली लागू होने से पूर्व ही 11 जून 2021 को शराब के थोक व्यवसाय के लिए लाइसेंस जारी करने का विज्ञापन जारी कर दिया जब यह मामला कोर्ट में उठाया गया तो विभाग ने 24 जून 2021 को अधिसूचना जारी कर नौ जून से ही नई नियमावली के लागू होने की बात कही। इसलिए उक्त नियमावली पर रोक लगाई जाए।

See also  Court News: अंतरिम राहत मिल चुके मामलों की अवधि बढ़ाने पर वृहद पीठ में होगी सुनवाई

बता दें कि राज्य सरकार ने झारखंड मदिरा भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली-2021 बनाई है। झारखंड रिटेल लिकर वेंडर एसोसिएशन ने इसे गैरकानूनी घोषित करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर वादी की ओर से बहस पूरी कर ली गई है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment