दिल्ली। Supreme Court सुप्रीम कोर्ट में बधुवार को मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (Manipal-TATA Medical College, Jamshedpur) में नामांकन से जुड़े मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने मामले सभी विपक्षी (प्रतिवादियों) को परशनल नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ में हुई।

सुनवाई के बाद पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थी को निर्देश दिया कि गुरुवार को तक सभी प्रतिवादियों को ई-मेल या परशनल नोटिस भेज दें। इसके बाद अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले में वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखा है।

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सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मणिपाल विश्वविद्यालय देश का उत्कृष्ट संस्थान है। अगर वह अपने स्थापना राज्य से बाहर संस्थान स्थापित करता है तो भी एनएमसी कॉलेज में नामांकन पर रोक नहीं लगा सकती है, क्योंकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। साथ ही इस संस्थान पर यूजीसी और एनएमसी की गाइडलाइन लागू नहीं होती है।

प्रार्थी की दलील के बाद अदालत ने केंद्र सरकार, शिक्षा मंत्रालय, यूजीसी, एनएमसी व झारखंड सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित की है। गौरतलब है कि इससे पहले मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज ने झारखंड हाई कोर्ट में नामांकन पर लगी रोक को चुनौती दी थी। लेकिन हाई कोर्ट से कॉलेज को कोई राहत नहीं मिली है।

इसके बाद मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज की ओर से नामांकन पर रोक लगाने के एनएमसी के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।