Supreme Court News

फर्जीवाड़ा मामले में आजम खान और उनके बेटे को जमानत देने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्लाह को जमानत दी जाए। हालांकि, अदालत ने कहा कि यह दो हफ्ते के अंदर निचली अदालत द्वारा शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने पर निर्भर करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कथित धोखाधड़ी और दूसरा पैन कार्ड पाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोप के एक मामले में यह निर्देश दिया।  

आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे का दूसरा पैन कार्ड बनवाने के लिए जाली दस्तावेजों के जरिए गलत जन्मतिथि दिखाने में मदद की थी। उन्होंने ऐसा इसलिए किया था ताकि वह उत्तर प्रदेश में रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से साल 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ सकें। बता दें कि इस मामले में जमानत मिलने के साथ आजम खां को दो मामलों के अलावा सभी प्राथमिकियों में जमानत मिल गई है।

इसे भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- राजनीति में अपराधीकरण पर धैर्य खो रहा देश, इनको सांसद और विधायक बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती

जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि मामले में आरोपपत्र दाखिल हो गया है, जो कि ज्यादातर दस्तावेजी साक्ष्यों से संबद्ध है। ऐसे में निचली अदालत दो सप्ताह में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने के बाद आजम खां और उनके बेटे को जमानत दे। पिछले साल 26 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

वहीं, सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने जमानत याचिकाओं का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वे दोनों (आजम खां और उनके बेटे) आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ 87 प्राथमिकियां दर्ज हैं। इनमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए अरबों रुपये की एक शत्रु संपत्ति की जमीन पर कब्जा करने का एक मामला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि दोनों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वो फरार थे।

इस मामले में आजम खां को 2020 में हिरासत में लिया गया था और इस साल मई में एक आरोपपत्र दाखिल किया गया था। प्राथमिकी में आरोप है कि नामांकन पत्र में अब्दुल्ला ने अपनी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 बताई थी, जबकि उनकी असल जन्मतिथि एक जनवरी 1993 है। आरोप है कि चुनाव लड़ने की उम्र संबंधी योग्यता पाने के लिए ऐसा किया गया था और आजम खां ने गलत पैन कार्ड बनवाने में उनकी मदद की थी।

Rate this post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
CTET and TET pass appear in Teacher Appointment exam Judges will have to give details of property ED to probe NTPC’s Rs 3,000 crore compensation scam Rahul Gandhi’s Parliament membership restored Women file false rape cases against their partners: HC Bombay High Court judge Rohit B Dev resigns in open court Decision on ASI survey in Gyanvapi case today Rahul Gandhi’s statement in Supreme Court on Modi surname issue ED will take businessman Vishnu Agarwal on remand Did Princess Diana Know King Charles, Camilla ‘Love Child’?