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आपराधिक मामलों में शपथ पत्र दाखिल करने को लेकर हाईकोर्ट में नई व्यवस्था लागू

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 19 Oct, 2020
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रांची। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब हाईकोर्ट में एक सप्ताह की बजाय तीन सप्ताह की अवधि तक के शपथ पत्र को स्वीकार किया जाएगा। कोरोना संकट को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने नई व्यवस्था को लागू करने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इस व्यवस्था को 31 दिसंबर 2020 जारी रखने को कहा है।

इसको लेकर एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। एकलपीठ ने इसे खंडपीठ में सुनवाई के लिए भेज दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान एसोसिएशन की अध्यक्ष ऋतु कुमार ने अदालत को बताया कि वर्ष 1998 में हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया, जिसमें कहा गया था कि आपराधिक मामलों में एक सप्ताह के अंदर की अवधि वाले ही शपथ पत्र स्वीकार किए जाएंगे।

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लेकिन कोरोना संकट के चलते अधिवक्ताओं को इस आदेश से परेशानी हो रही है। क्योंकि कोरोना संकट को देखते हुए हाईकोर्ट की ओर से याचिका को लेकर एक एसओपी जारी किया है। इसमें शपथ पत्र या याचिका को परिसर में रखे बाक्स में रखा जाता है। वहां से दो दिन बाद उसे निकाला जाता है। इससे कई बार शपथ पत्र की उक्त अवधि समाप्त हो जाती है। इसके बाद पैरवीकार को फिर से शपथ पत्र दाखिल करना पड़ रहा है, जो कि वर्तमान समय में संभव नहीं है।

इसके बाद हाईकोर्ट ने शपथ पत्र की अवधि तीन सप्ताह तक बढ़ा दिया। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई पांच जनवरी को निर्धारित की गई है। इस दौरान एसोसिएशन के महासचिव नवीन कुमार और धीरज कुमार ने अदालत में पक्ष रखने में सहयोग किया। 

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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