आधी सजा पूरी नहीं होने से लालू प्रसाद की जमानत पर टली सुनवाई

रांची। चारा घोटाले मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद की जमानत पर सुनवाई 9 अक्टूबर तक टल गई है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सजा की आधी अवधि पूरी नहीं होने की बात कही गयी। इसके बाद जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनवाई टाल दी। अब इस मामले में 9 अक्टूबर को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से कहा गया कि लालू प्रसाद ने एक भी दिन इस मामले में जेल में नहीं बिताया है। इसके अलावा देवघर मामले में लालू प्रसाद को हाई कोर्ट से मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है, जो सुनवाई के लिए लंबित है। ऐसे में लालू को राहत नहीं मिलनी चाहिए। इस पर लालू प्रसाद की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने चाईबासा वाले मामले में तीस महीने जेल में बिताए हैं, जो सजा की आधी अवधि है। वहीं, सीबीआइ सिर्फ उन्हीं के मामले में नए-नए पैतरे अपनाती है। इस बार उन्होंने हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके तहत हाईकोर्ट चारा घोटाले सें संबंधित सभी सजायाफ्ता को आधी सजा पूरा करने पर जमानत देती है।

लालू प्रसाद के अधिवक्ता देवर्षि मंडल के अनुसार लालू प्रसाद को चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। इस मामले में उनकी ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि मामले में मिली सजा की आधी अवधि उन्होंने जेल में काट ली है। इसलिए उन्हें जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा याचिका में 16 तरह की बीमारियों का भी हवाला दिया है।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद पर झारखंड में चारा घोटाला के पांच मामले चल रहे हैं, जिसमें से चार में उन्हें सजा मिल चुकी है। चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के दो मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत से लालू प्रसाद को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। देवघर कोषागार में उन्हें हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिली हुई है। वहीं, दुमका कोषागार निकासी मामले में अभी जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है। डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामला पर सीबीआई की अदालत में सुनवाई चल रही है।

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