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हाईकोर्ट ने कोल ब्लॉक की जमाबंदी रद करने के भू-राजस्व मंत्री के आदेश पर लगाई रोक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 21 Aug, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने एक मामले में जमाबंदी करने के भू राजस्व मंत्री के आदेश पर यथास्थित (स्टेट्स को) बनाए रखने का आदेश दिया है। यह मामला रोहिण कोल कंपनी की जमीन की जमाबंदी रद करने से जुड़ा है।

रोहिणी कोल कंपनी ने मंत्री के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया है कि कंपनी को हजारीबाग जिले में बड़कागांव, समेत पांच इलाके में कोल ब्लॉक मिला था। वर्ष 2014 में इसे रद कर दिया गया। इस बीच कुछ रैयतों ने सीएनटी एक्ट का हवाला देते हुए रैयतों को जमीन वापस करने का आग्रह किया था।

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इस पर भू राजस्व मंत्री ने फैसला सुनाते हुए कंपनी की जमीन की जमाबंदी रद कर दी और रैयतों को जमीन वापस करने का आदेश देते हुए दस्तावेज में भी संशोधन करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ कंपनी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी।

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कंपनी की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने अदालत को बताया कि कोल ब्लॉक मिलने के कंपनी ने जमीन खरीदी थी। इसके बाद उपायुक्त के आदेश के बाद कंपनी के नाम से जमाबंदी की गयी। इस बीच कोल ब्लॉक का आवंटन रद कर दिये जाने से कंपनी इस पर खनन कार्य शुरू नहीं कर सकी है।

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अदालत को बताया गया कि सीएनटी एक्ट के तहत जमीन की जमाबंदी रद्द करने और जमीन वापस करने का अधिकार विभागीय मंत्री को नहीं है। यह अधिकार सिर्फ उपायुक्त को है। मंत्री ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश दिया है इस कारण आदेश रद कर देना चाहिए।

सरकार की ओर से मंत्री के आदेश को सही बताया गया और कहा गया है कोल कंपनी ने माइनिंग के लिए जमीन ली थी, लेकिन अभी तक माइनिंग शुरु नहीं की गयी है। ऐसे में जमीन की जमाबंदी रद्द कर रैयतों को वापस करने का अधिकार सरकार को है। सुनवाई के बाद अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिया

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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