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निःशक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्त नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 25 Jun, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: Disabled Children Teacher Appointment In Jharkhand झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में नि:शक्त बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं किए जाने पर जवाब दाखिल करने के लिए सरकार ने अंतिम मौका दिया है। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने आठ जुलाई तक सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में छाया मंडल ने जनहित याचिका दायर की है।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अभय प्रकाश ने अदालत को बताया कि राज्य में नि:शक्तता एक्ट लागू किया गया है। इस एक्ट में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में विशेष बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष शिक्षकों की नियुक्ति करने का प्रावधान है। लेकिन राज्य में अभी तक किसी भी स्कूल में ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गयी है।

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राज्य नि:शक्तता आयुक्त की रिपोर्ट और सूचना के अधिकारी के तहत मिली जानकारी के अनुसार राज्य में करीब तीन लाख स्पेशल बच्चे हैं। लेकिन इनके लिए स्कूलों में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गयी है। स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए किसी प्रकार की सुविधा भी नहीं है। पूर्व में इस मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। लेकिन सरकार के जवाब दाखिल नहीं करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।

मेंटल हेल्थकेयर एक्ट के मामले में मांगा जवाब

राज्य में मेंटल हेल्थ केयर एक्ट का पूरी तरह पालन करने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को 15 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। ऋतिका गोयल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने यह निर्देश दिया।

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याचिका में कहा गया है कि राज्य में मेंटल हेल्थ केयर एक्ट लागू है। इस एक्ट के तहत कई बोर्ड और दूसरे निकाय के गठन का प्रावधान है, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। लेकिन झारखंड में इसके प्रावधानों को लागू नहीं किया गया है। झारखंड में स्टेट मेंटल रिव्यू बोर्ड का भी गठन अब तक नहीं किया गया है। इस पर अदालत ने सरकार को सभी बिंदुओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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