सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाला जाबर आलम दोषी करार

232
court logo

Ranchi: Rape रांची के पोक्सो की विशेष अदालत ने सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के अभियुक्त जाबर आलम को दोषी करार दिया है। अदालत ने भारतीय दंड विधान की धारा 376 एवं पोक्सो की धारा 4 के तहत दोषी पाया है।

उसकी सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। अभियुक्त पर रांची के सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। इस घटना को लेकर सदर थाना में 6 सितंबर 2018 को बच्ची की चाची ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

जाबर आलम पर आरोप है कि अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही उक्त बच्ची को उठाकर जबरदस्ती की थी। मेडिकल जांच में भी बात सामने आई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को अदालत में प्रस्तुत किया गया था।

इसे भी पढ़ेंः सीडब्ल्यूसी- जेजे बोर्ड में नियुक्ति नहीं पर हाईकोर्ट ने सामाजिक कल्याण सचिव को किया तलब

रिश्वत लेने वाले सहायक अभियंता को नहीं मिली जमानत

रांची एसीबी के विशेष न्यायाधीश प्रकाश झा की अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपित भरनो गुमला के सहायक अभियंता वरुण कुमार रंजन की जमानत याचिका सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने जमानत खारिज कर दी।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने जमानत देने का आग्रह किया। जबकि एसीबी के विशेष लोक अभियोजक एके गुप्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि एसीबी टीम ने रिश्वत लेते 18 अगस्त को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

वह प्रमोद नायक नामक व्यक्ति से रिश्वत ले रहा था। मनरेगा योजना के तहत कूप निर्माण के लिए 3.83 लाख कार्यादेश मिला था। काम पूरा होने पर उसको 1.45 लाख का भुगतान मिला था। शेष 2.38 लाख के भुगतान के लिए जब सहायक अभियंता वरुण रंजन से मिला तो कहा कि जब तक 30 हजार रुपये नहीं दोगे तब तक एनबी बुक में इंट्री नहीं करेंगे। इसके बाद अदालत ने सहायक अभियंता वरुण रंजन की जमानत याचिका खारिज कर दी।