Supreme Court News

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 21 Jul, 2022
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Stay on arrest of Abhishek Jha, husband of suspended IAS Pooja Singhal, accused of money laundering
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई हुई। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सीटी रवि कुमार की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से बहस पूरी कर ली गई। अब 26 जुलाई को प्रतिवादियों की ओर से बहस की जाएगी।

इस बीच राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कहा गया कि संशोधित परिमाण के बाद बाहर हुए 60 नौकरी करने वालों को समायोजित नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार के पास वर्ष 2021 में मात्र 38 पद ही रिक्त हैं। ऐसे में 60 लोगों को समायोजित करना असंभव है।

Read Also: जांच अधिकारी ने नहीं दी गवाही, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी साक्ष्य के अभाव में बरी

See also  Jharkhand News: गांजा तस्करी मामले में बसंत साहू को पांच साल की जेल, 50 हजार जुर्माना

इस संबंध में वरुण कुमार और कीर्ति कुजूर सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है। सभी चयनित अभ्यर्थी हैं, जो वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता पीएस पटवालिया और प्रशांत भूषण ने पक्ष रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट का आदेश गलत है। विज्ञापन की शर्तों के अनुसार क्वालिफाइंग पेपर का अंक कुल प्राप्तांक में जोड़ा जाना सही है। उनकी ओर से बहस पूरी कर ली गई।

अब इस मामले में प्रतिवादियों की ओर से वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अमृतांश वत्स पक्ष रखेंगे। मामले में अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के तहत छठी जेपीएससी का संशोधित परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें 60 नए अभ्यर्थी चयनित हुए हैं।

See also  Dispute Resolved: मध्यस्थता से सुलझा 10 साल पुराना पति-पत्नी का पारिवारिक विवाद

Read Also: छात्र विनय महतो हत्याकांडः पिता ने लड़ी चार साल की कानूनी लड़ाई, अब 12 साल के बेटे के हत्यारों का खुलेगा राज सीबीआई करेगी…

जेपीएससी परीक्षा के तहत 326 अधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। झारखंड हाई कोर्ट की खंडपीठ ने माना था कि मेरिट लिस्ट संशोधित करने का एकलपीठ का आदेश बिल्कुल सही है। अदालत ने प्रार्थियों के अपील को खारिज कर दिया था। सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने भी एकल पीठ के आदेश को सही माना था।

इस मामले में सरकार ने अपील भी दाखिल नहीं की थी। जेपीएससी ने कोर्ट के आदेश के तहत संशोधित मेरिट लिस्ट जारी किया है। हाई कोर्ट के एकल पीठ ने सात जून 2021 को छठी जेपीएससी के मेरिट लिस्ट को रद करते हुए संशोधित मेरिट लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया था। खंडपीठ के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की गई है।

See also  आदेश के बाद भी पूर्व विधायक संजीव सिंह को धनबाद जेल नहीं लाने पर पांच जुलाई को होगी सुनवाई

Read Also: CM Lease case: हाई कोर्ट ने पूछा- रांची डीसी को खनन विभाग के व्यक्तिगत जानकारी कैसे

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment