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Drugs case: दिल्ली में करती थी मॉडलिंग- झारखंड में बेचती थी मौत का सामान, भेजी गई जेल

Ranchi: Drugs case रांची सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी राकेश रंजन की अदालत में ड्रग्स तस्करी मामले में गिरफ्तार मॉडल ज्योति भारद्वाज को पेश किया गया। जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया। दिल्ली में मॉडलिंग करने वाली ज्योति पर रांची में ड्रग्स के कारोबार में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने मंगलवार को देर शाम उसे और उसके एक साथी को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। बुधवार को कोविड जांच के बाद ज्योति को कोर्ट में पेश किया गया।

यौनशोषण मामलाः सुनील तिवारी की मोबाइल वापस लेने पर सुनवाई आज
आदिवासी युवती का यौन शोषण के आरोप में फंसे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के सलाहकार सुनील कुमार तिवारी की ओर से दाखिल जब्त सामान को वापस करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान बहस पूरी नहीं हो सकी। गुरुवार को एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत इस मामले में बहस की जाएगी।

इसे भी पढ़ेंः Plot Allotment Case: दस सालों में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर भड़का हाईकोर्ट, झारखंड आवास बोर्ड के लॉ ऑफिसर को निलंबित करने का

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपित का जब्त मोबाइल फोन एफएसएल जांच के चड़ीगढ़ भेजा गया है। जहां अभी जांच नहीं हो पाई है। बता दें कि सुनील तिवारी के खिलाफ 16 अगस्त को अरगोड़ा थाने में दुष्कर्म, छेड़छाड़ और एसटी-एससी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने उनका मोबाइल फोन एवं अन्य सामान जब्त किया था।

व्याख्याता नियुक्ति घोटाला मामले में हुई सुनवाई
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में व्याख्याता नियुक्ति मामले में गड़बड़ी को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से कहा गया कि प्रार्थियों की ओर से दाखिल पूरक शपथ पत्र उन्हें नहीं मिली है।

इस पर अदालत ने प्रार्थियों को पूरक शपथ पत्र की प्रति जेपीएससी की उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई दस जनवरी को होगी। इस संबंध में डा मीना कुमारी सहित अन्य की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई है।

उनकी ओर से दाखिल पूरक शपथ पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2008 में 800 व्याख्याताओं की नियुक्ति की गई है। लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। इस मामले की जांच पहले एसीबी ने किया और बाद इसकी जांच सीबीआइ को सौंप दी गई है। फिलहाल अभी भी जांच चल रही है।

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