high court news

Constable Pay Scale: इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश, 16 साल की सेवा पूरी करने वाले सिपाहियों को दें दारोगा के ग्रेड वाली सैलरी

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 22 Nov, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Allahabad high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Prayagraj: Constable Pay Scale उत्तर प्रदेश पुलिस में 16 साल से काम कर रहे कांस्टेबलों के ल‍िए अच्छी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में साल 1998 या उससे पहले नियुक्त और 16 साल नौकरी पूरी कर चुके कांस्टेबलों के ल‍िए हक में फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने 1998 के पहले से नौकरी कर रहे कांस्‍टेबलों को उनके ट्रेनिंग समय को जोड़ते हुए दारोगा को मिलने वाला सेकंड प्रोन्नति वेतनमान ग्रेड पे रुपये 4200 देने का आदेश द‍िया है।

इस मामले में राज्य सरकार को आठ सप्ताह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। उक्त आदेश जस्टिस सरल श्रीवास्तव की अदालत ने प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले कांस्‍टेबल रामदत्त शर्मा और कई अन्य की याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया है।

See also  आईएएस अधिकारी छवि रंजन और विष्णु अग्रवाल की डिस्चार्ज याचिका पर आंशिक सुनवाई, अगली सुनवाई 8 अगस्त

प्रार्थी सिपाहियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम और अतिप्रिया गौतम का तर्क था कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों और बाद में जारी राज्य सरकार के आदेश के बावजूद विभाग उनके प्रशिक्षण अवधि सेवा को सेकंड प्रोन्नत वेतनमान देने के लिए नहीं जोड़ रहा है। जबकि सभी इसके लिए पूरी तरीके से से हकदार हैं। इन सिपाहियों की नियुक्ति साल 1998 में हुई थी। लेकिन उन्हें न तो सेकंड वेतनमान दिया जा रहा था और न ही उनके ट्रेनिंग अवधि को सेवा में जोड़ा जा रहा था।

इसे भी पढ़ेंः CT scan machine purchase: हाईकोर्ट ने रिम्स से पूछा- खरीदारी की अनुमति देने में क्यों हुई देर, क्या किसी के इंट्रेस्ट के लिए ऐसा

See also  Jharkhand News/ACB: निलंबित आईएएस विनय कुमार चौबे को किया गया कोर्ट में पेश, पुनः न्यायिक हिरासत में भेजे गए, चार दिनों तक एसीबी ने की पूछताछ

अधिवक्ता गौतम का कहना था कि प्रदेश सरकार की ओर से जारी शासनादेश 21 जुलाई 2011 के तहत वे सभी पुलिस कर्मी जिन्होंने विभाग में 16 साल की नौकरी पूरी कर ली है उन्हें उनके ट्रेनिंग समय की सेवा को जोड़ते हुए द्वितीय प्रोन्नति वेतनमान ग्रेड पे रुपये 4200 दरोगा को मिलने वाला वेतनमान दिया जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि लाल बाबू शुक्ला केस में हाईकोर्ट की ओर से विधि सिद्धांत के अनुसार याची सिपाहियों की प्रशिक्षण के समय से नौकरी को जोड़ा जाना चाहिए।

कहा यह भी गया था कि अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय की ओर से 17 मार्च 2012 के शासनादेश में ये कहा गया है कि प्रदेश पुलिस के कार्यकारी बल में आरक्षी पद का ग्रेड पे दो हजार, मुख्य आरक्षी का 2400/-दरोगा का ग्रेड पे 4200/- और इंस्‍पेक्‍टर का ग्रेड पे 4600 है। कहा गया था कि सभी याची 16 साल की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके हैं। अतः वे दारोगा पद का ग्रेड पे 4200/- रुपये उनके ट्रेनिंग अवधि की सेवा को जोड़ते हुए पाने के हकदार हैं। कोर्ट ने उक्त आदेश के साथ याचिका को निस्तारित कर दिया है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment