लोक अदालतों से ही कम होगा लंबित मामलों का बोझः जस्टिस एके सिंह

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jhalsa justice AK Singh

Ranchi: Lok Adalats पूरे राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान हाईकोर्ट सहित निचली अदालतों में कुल 55151 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान 107 करोड़ रुपये का भी सेटलमेंट भी हुआ। रांची सिविल कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का उदघाटन करने झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह पहुंचे थे।

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि लोक अदालत का महत्व पहले भी था और आज भी है। इसके आयोजन करने का मात्र यही उद्देश्य है कि अदालतों में लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाया जाए। देश की अदालतों में करोड़ों में मामले लंबित है। उनकी तुलना में निचली अदालत और हाई कोर्ट में जजों की संख्या काफी कम है। अदालत में लंबित कई ऐसे मामले हैं, जिन्हें मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है।

इसलिए लोक अदालतों के जरिए मामलों को सुलझाया जा रहा है, ताकि लोग अदालतों का चक्कर न काटें। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी लोक अदालत का आयोजन कर 12765 वादों का निष्पादन किया गया था। राज्य में करीब 4.65 लाख मामले लंबित है। इसके कम करना हमारे लिए चुनौती है। हमें विश्वास है कि झालसा, डालसा और पीएलवी के सहयोग इसे कम किया जा सकता है।

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इस दौरान न्यायायुक्त नवनीत कुमार, रांची उपायुक्त छवि रंजन, एसएसपी एके झा और एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष शंभू अग्रवाल ने भी लोक अदालत के महत्व के बारे में बताया। कार्यक्रम में संचालन सीजेएम फहीम किरमानी एवं डालसा सचिव अभिषेक कुमार ने किया। इस दौरान 22 पीड़ितों को 1.50 करोड़ रुपये का चेक वितरित किया गया।

दुर्घटना मुआवजा के रूप में मिले 25 लाख
नामकुम के काली मंदिर के रहने वाले सेना से सेवानिवृत्ति मदन सिंह अपनी बाईक से रांची आ रहे थे। 3 नवंबर 2020 को एक ट्रक की चपेट में आने की वजह से उनकी मौत हो गई। यह मामला भी लोक अदालत पहुंचा था। इस दौरान मदन सिंह की पत्नी किरण देवी और बेटे अभय कुमार को इंश्योरेंस कंपनी की ओर से 25 लाख रुपये का चेक दिया गया। मदन सिंह सेवा में सूबेदार मेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

रांची सिविल कोर्ट में 14 हजार मामलों का निपटारा
रांची सिविल कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 13969 मामलों का निष्पादन हुआ। वहीं, 21 रुपये का सेटलमेंट हुआ। इसमें प्री-लिटिगेशन 7752 मामले तथा 6217 लंबित मामलों शामिल हैं। इनमें आपराधिक सुलहनीय मामले, ट्रैफिक, उत्पाद, वन, मापतौल, रेलवे एवं बैंकिंग के मामले है। इस कार्यक्रम में एडीएम लॉ एंड ऑर्डर उत्कर्ष गुप्ता, एसबीआइ के डीजीएम नंदकिशोर सिंह, बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर, एलडीएम रांची, डालसा के अधिवक्ता मध्यस्थ सहित कई पदाधिकारी मौजू रहे।