processApi - method not exist
Home Supreme Court News सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को न्यायपालिका से दूर...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों को न्यायपालिका से दूर रखा जाना चाहिए

New Delhi: Supreme Court न्यायिक वितरण प्रणाली में जनता के विश्वास के निर्माण में जजों की साख अहम है। उच्चतम नैतिक आधार रखने वाले जज न्यायिक व्यवस्था में जनता के भरोसे को कायम रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक न्यायिक अधिकारी की साख और पृष्ठभूमि के बारे में आम आदमी की धारणा महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की।

जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में किसी भी स्तर पर एक न्यायिक अधिकारी का पद बहुत अहम होता है। इसलिए उपयुक्त व्यक्तियों की ही न्यायिक अधिकारी के पद पर नियुक्ति होनी चाहिए। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को न्यायपालिका से दूर रखा जाना चाहिए।

पीठ राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने सिविल जज के पद पर आवेदन करने वाले एक उम्मीदवार की याचिका स्वीकार ली थी, जबकि निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति संबंधी हाई कोर्ट की एक समिति ने कहा था कि उम्मीदवार के खिलाफ अपराध गंभीर प्रकृति के थे और दोषमुक्त साफ नहीं थी।

इसके बाद उसकी उम्मीदवारी खारिज कर दी थी।शीर्ष अदालत ने कहा कि सिविल जज या मजिस्ट्रेट का पद महत्वपूर्ण स्थान रखता है, क्योंकि देश की निचली अदालतों में बड़ी संख्या में विवाद के मामले आते हैं। पीठ ने 16 सितंबर को दिए अपने फैसले में कहा न्यायपालिका में किसी भी स्तर पर न्यायिक अधिकारी के पद पर सबसे उपयुक्त व्यक्ति की नियुक्ति होनी चाहिए। इसकी वजह स्पष्ट है।

इसे भी पढ़ेंः Rape: 5 साल की बहन से छह माह तक रेप, कोर्ट ने कहा- सौतेले भाई का कृत्य क्षमा योग्य नहीं, सुनाई फांसी की सजा

न्यायाधीश राज्य के सबसे महत्वपूर्ण कार्यो में से एक नागरिकों से जुड़े विवाद के मामलों का समाधान करते हैं। उच्चतम नैतिक आधार वाले जज न्यायिक व्यवस्था में लोगों के भरोसे को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। पीठ ने कहा कि इस मामले में उम्मीदवार के खिलाफ कई एफआइआर दर्ज की गई थीं। उनमें से दो में आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

यह सही है कि उम्मीदवार दोषमुक्त हो गया था, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ कोई सुबूत नहीं था। इसके साथ ही पीठ ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया।

यह है पूरा मामला

राजस्थान हाई कोर्ट, जोधपुर ने नवंबर 2013 में सिविल जज के पद को भरने के लिए आवेदन मांगे थे। उम्मीदवार ने भी आवेदन किया था। जुलाई 2015 में मुख्य न्यायाधीश द्वारा गठित हाई कोर्ट की समिति ने 12 अभ्यर्थियों के आवेदन पर विचार किया। इसमें उक्त उम्मीदवार के आवेदन को नियुक्ति के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया। बाद में हाई कोर्ट ने समिति के फैसले के खिलाफ उम्मीदवार के याचिका को स्वीकार कर लिया था। इसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

RELATED ARTICLES

Appointment of consumer courts: उपभोक्ता फोरम की रिक्तियों पर ढीले रवैये से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- न्यायाधिकरण नहीं चाहिए तो कानून खत्म करे सरकार

New Delhi: Appointment of consumer courts सुप्रीम कोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोगों और जिला उपभोक्ता फोरमों की रिक्तियां भरने में देरी पर...

Coal Transport: हजारीबाग में कोयले की ढुलाई मामले में केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कन्वेयर बेल्ट लगाने के एनजीटी के निर्देश पर रोक

New Delhi: Coal Transport झारखंड के हजारीबाग जिले में कोयले की अवैध ढुलाई और उसके भंडारण से संबंधित नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT)...

Lakhimpur Kheri Violence : यूपी पुलिस पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- जांच रिपोर्ट का रात एक बजे तक किया इंतजार

New Delhi: Lakhimpur Kheri Violence लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फिर से उत्तर प्रदेश पुलिस की धीमी जांच और...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Teacher appointment: हाईकोर्ट ने जेएसएससी के सचिव को जारी किया शो-कॉज

Ranchi: Teacher appointment झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में संस्कृत शिक्षक नियुक्ति मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई।...

Conspiracy to topple Hemant Government: 90 दिन में आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाई पुलिस, तीनों आरोपियों को मिली जमानत

Ranchi: Conspiracy to topple Hemant Government झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की साजिश में शामिल तीनों अभियुक्तों को अदालत से...

Appointment of consumer courts: उपभोक्ता फोरम की रिक्तियों पर ढीले रवैये से सुप्रीम कोर्ट नाराज, कहा- न्यायाधिकरण नहीं चाहिए तो कानून खत्म करे सरकार

New Delhi: Appointment of consumer courts सुप्रीम कोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोगों और जिला उपभोक्ता फोरमों की रिक्तियां भरने में देरी पर...

Coal Transport: हजारीबाग में कोयले की ढुलाई मामले में केंद्र को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, कन्वेयर बेल्ट लगाने के एनजीटी के निर्देश पर रोक

New Delhi: Coal Transport झारखंड के हजारीबाग जिले में कोयले की अवैध ढुलाई और उसके भंडारण से संबंधित नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT)...