लालू प्रसाद को जेल शिफ्ट करने की मांग पर हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

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high court of jharkhand

रांचीः चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को रिम्स से जेल भेजने की मांग वाली विभिन्न जनहित याचिकाओं पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सभी आरोपों पर सरकार से जवाब तलब किया है।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में सजायाफ्ता है। लेकिन झारखंड सरकार उन्हें विशेष छूट प्रदान कर रही है। उन्हें रिम्स के वार्ड से निदेशक के बंगला भेजा गया था। जहां पर वे खुलेआम अपने कार्यकर्ता से मिलते रहे हैं। बंगले से ही लालू प्रसाद बिहार विधानसभा चुनाव भी सक्रिय रहे।

उन्होंने एनडीए विधायक को फोन कर नीतीश सरकार गिराने का प्रयास भी किया, जो जेल मैन्युअल का खुलेआम उल्लंघन है। इसलिए लालू को जेल शिफ्ट कर देना चाहिए।
कहा गया कि लालू प्रसाद लगातार दो साल से रिम्स के पेइंग वार्ड अपना इलाज करा रहे हैं। उन्हें कई प्रकार की सुविधाएं मिली हैं, जो सरकार और जेल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

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बिहार चुनाव के दौरान जेल मैन्युअल का उल्लंघन कर राजनीतिक लोगों ने उनसे मुलाकात की। बंगला के अंदर उनके साथ कार्यकर्ताओं ने फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल की है। इसके बाद अदालत ने सरकार से सभी आरोपों पर जवाब मांगा है। अदालत ने इस दौरान एक याचिकाकर्ता रत्नेश कुशवाहा से उनका पूरा ब्योरा मांगा।

उन्होंने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और पटना हाई कोर्ट का वकील बताया है। इसके बाद अदालत ने झारखंड हाई कोर्ट रूल के तहत उन्हें अपना ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई आठ जनवरी को होगी।