Civil Court News

कोर्ट ने कहा- मकान मालिक किरायेदार को बिजली-पानी से नहीं कर सकता वंचित

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 Jul, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
delhi tishazari court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

New Delhi: अदालत ने मकान मालिक व किरायेदार के बीच विवाद पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि बिजली या पानी का कनेक्शन काटना अथवा किरायेदार को इस सुविधा से वंचित करना उसकी मौलिक जरुरत में कटौती करने के बराबर है, जोकि न्यायसंगत नहीं है। तीस हजारी स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीश कठपालिया की अदालत ने मकान मालिक को कहा है कि वह किरायेदार के बिजली कनेक्शन को चालू करे अथवा उसे अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करे, ताकि वह अपने नाम से बिजली का कनेक्शन ले सके।

अदालत का कहना था कि मकान मालिक व किरायेदार के बीच कानूनी विवाद हो सकता है। लेकिन इसका यह मतलब यह नहीं है कि मकान मालिक एक ऐसी सुविधा में कटौती कर दे जोकि प्रत्येक व्यक्ति की मौलिक आवश्यकता है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर कनेक्शन काटना भी है तो मकान मालिक को अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करना होगा, जिससे किरायेदार को नया बिजली कनेक्शन लेने में आसानी हो।

See also  फैसलाः हाईकोर्ट ने कहा- शादीशुदा कर्मचारी को दूसरी महिला संग लिव इन में रहने के आधार पर नहीं किया जा सकता बर्खास्त

इसे भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट से ‘एक राष्ट्र एक दंड संहिता’ की गुहार, 161 साल पुराने आईपीसी को खत्म करने की मांग

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दिल्ली जैसे शहर में बिजली-पानी के बगैर जिंदगी की कल्पना करना भी नामुमकिन है। तमाम कार्य बिजली से होते हैं। यहां तक की पानी भी तभी आएगा जब बिजली होगी। ऐसे में किसी की जिंदगी को संकट में नहीं डाला जा सकता। कानूनी विवाद की सुनवाई में भी समय लगता है। इसलिए यह इंतजार नहीं किया जा सकता कि किसके हक में फैसला आएगा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षकार एक-दूसरे के जीवन में इस तरह के संकट खड़े नहीं कर सकते।

आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पहले जहां मकान मालिक के नाम से ही बिजली कनेक्शन लिया जा सकता था, वहां बहुत पहले ही बदलाव किया जा चुका है। नए बिजली कनेक्शन नियम के अनुसार किरायेदार के नाम पर भी बिजली कनेक्शन लिया जा सकता है। बशर्ते मकानमालिक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करे। इससे बिजली के बिल के भुगतान व अन्य परेशानी होने पर किरायेदार खुद उनका निपटारा करेगा। मकानमालिक के लिए भी यह प्रक्रिया इसलिए आसान है क्योंकि विवाद होने पर मकान मालिक पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

See also  रांचीः समन की अवहेलना मामले में हेमंत सोरेन की सशरीर पेशी से छूट की मांग वाली याचिका पर सुनवाई अगले महीने

मकान मालिक व किरायेदार के बीच का यह विवाद पहले निचली अदालत में चला। जहां निचली अदालत ने मकान मालिक को कहा था कि वह बिजली कनेक्शन को पुन: चालू करे। इसके बाद उनके बीच के आपसी विवाद को सुना जाएगा। इस आदेश के खिलाफ मकान मालिक ने सत्र अदालत में याचिका दायर की। अब सत्र अदालत के निर्णय को बरकरार रखते हुए मकान मालिक को निर्देश दिया है कि वह किरायेदार को नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करे। मकानमालिक व किरायेदार का यह विवाद वर्ष 2017 से लंबित है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment