Ranchi News: सिविल कोर्ट, रांची और बार भवन में अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा आम नागरिकों की सुविधा के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास करने एवं लंबे समय से लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई करने को लेकर रांची जिला बार एसोसिएशन (एडहॉक कमेटी) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस संबंध में कमेटी द्वारा न्यायायुक्त, व्यवहार न्यायालय, रांची को 29 जुलाई 2026 (Ref: RDBA 872/26) को एक औपचारिक मांग पत्र/आवेदन सौंपा गया है। एडहॉक कमेटी के सदस्य एसपी अग्रवाल, संजय कुमार विद्रोही और मुकेश कुमार केसरी ने न्यायायुक्त को यह मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि न्यायालय परिसर में रोजाना हजारों अधिवक्ता, न्यायिक पदाधिकारी, न्यायालय कर्मी, वादकारी एवं आम नागरिक आते हैं। ऐसे में परिसर के विस्तार के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। एडहॉक कमेटी के सदस्यों का कहना है कि न्यायालय की गरिमा केवल भव्य भवनों से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता और न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान से बढ़ती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मांग पत्र में उठाई गईं 11 प्रमुख मांगें:
- भूमि का हस्तांतरण: एजुकेशन डिपार्टमेंट की स्वीकृत भूमि को शीघ्र बार एसोसिएशन को हस्तांतरित करने हेतु संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
- कनेक्टिंग कॉरिडोर/ओवरब्रिज: बार भवन के प्रथम तल को पुराने फैमिली कोर्ट भवन के समीप कनेक्टिंग कॉरिडोर या ओवरब्रिज से जोड़ने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। इससे वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांग अधिवक्ताओं को सीधे सिविल कोर्ट परिसर तक पहुँचने में सहूलियत होगी।
- लिफ्ट की स्थापना: बार भवन में अधिवक्ताओं एवं आगंतुकों की सुविधा हेतु लिफ्ट लगाई जाए।
- एस्केलेटर (Escalator): 40 कोर्ट भवन में आवागमन को सुगम बनाने के लिए एस्केलेटर लगाने की दिशा में कदम उठाया जाए।
- स्वच्छता व्यवस्था: 40 कोर्ट भवन में शौचालयों की नियमित एवं उच्च स्तरीय साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- भोजनालय (Canteen/Cafeteria): 40 कोर्ट भवन के निर्माण के समय निर्धारित किए गए स्थान पर जल्द से जल्द कैंटीन संचालित की जाए।
- CCTV निगरानी: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बार भवन में भी सिविल कोर्ट परिसर के समान उच्च गुणवत्ता वाला सीसीटीवी तंत्र स्थापित किया जाए।
- महिला अधिवक्ताओं हेतु सुविधाएं: महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक विश्राम कक्ष (Rest Room), फीडिंग रूम (Feeding Room) एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- स्काईवॉक (Skywalk) योजना: सिविल कोर्ट मुख्य भवन के प्रथम तल को सीबीआई भवन के प्रथम तल से कनेक्टिंग कॉरिडोर/स्काईवॉक से जोड़ने की प्रस्तावित योजना पर शीघ्र काम शुरू किया जाए।
- 44 कोर्ट भवन का जुड़ाव: 44 कोर्ट भवन को सीबीआई भवन से स्काईवॉक के जरिए जोड़ने की योजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए कार्रवाई पूरी की जाए।
- स्थिति रिपोर्ट: उपर्युक्त सभी विषयों पर अब तक की गई कार्रवाई, वर्तमान स्थिति एवं प्रस्तावित समय-सीमा से एडहॉक कमेटी को अवगत कराया जाए।