Ranchi News: मेडिकल छात्रा की बर्थडे पार्टी के बहाने एक अन्य छात्रा को बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म कराने के चर्चित मामले में आरोपी ओली विश्वकर्मा को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले रांची सिविल कोर्ट भी उसकी जमानत अर्जी नामंजूर कर चुकी है। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार(पीड़ित) की ओर से नवीन कुमार सिंह ने पक्ष रखते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। मामला रांची के लालपुर थाना कांड संख्या 00/2026 से जुड़ा है। आरोप है कि 9 अप्रैल को एमडीएस की तैयारी कर रही एक छात्रा को उसकी सहेली ओली विश्वकर्मा ने जन्मदिन की पार्टी के बहाने एक अपार्टमेंट में बुलाया। वहां कथित रूप से केक और पिज्जा में नशीला पदार्थ मिलाकर खिलाया गया, जिसके बाद मुख्य आरोपी दानिश ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब उसने अपनी सहेली ओली को पूरी बात बताई, तो मदद करने के बजाय उसने मामले को दबाने और पुलिस में शिकायत नहीं करने के लिए कहा। बाद में पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ओली विश्वकर्मा, दानिश और मोहम्मद फहद मलिक को गिरफ्तार किया था, जबकि एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की गई थी। पुलिस का कहना है कि जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।