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रेमडेसिविर कालाबाजारीः हाईकोर्ट ने सीआईडी एडीजी से पूछा-क्या जांच में उनपर कोई दवाब है

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 03 Jun, 2021
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Jharkhand High Court
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Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में रेमडेसिविर सहित कोरोना की जरूरी दवाओं की कालाबाजारी मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत में सीआईडी के एडीजी अनिल पाल्टा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हाजिर हुए।

अदालत ने उनसे पूछा कि इस मामले की जांच में किसी ने कोई दवाब दिया है क्या। क्योंकि अदालत ने बड़े भरोसे और विश्वास से इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी है। उम्मीद है कि सीआईडी इस मामले की जांच बिना किसी दवाब के करेगी।

इस पर सीआईडी के एडीजी अनिल पाल्टा ने अदालत को आश्वस्त किया कि इस मामले की जांच पेशेवर तरीके की जा रही है। बिना किसी दवाब के सीआईडी कालाबाजारी के नेक्सेस का जल्दा पर्दाफाश करेगी। इस मामले की जांच सही दिशा में है और जो भी लोग इस मामले में शामिल होंगे।

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उन्हें जांच के दायरे में लाते हुए खुलासा किया जाएगा। इसके बाद अदालत ने इस मामले में जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 17 जून को होगी। पिछली सुनवाई के आदेश पर सीआइडी के एडीजी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में हाजिर हुए थे।

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रिम्स की ओर से बताया गया कि अब रिम्स के लिए दूसरी सीटी स्कैन मशीन की खरीदारी की जाएगी। कोर्ट को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही रिम्स में जरूरी मशीनरी आ जाएगी। इससे पहले रिम्स ने सीटी स्कैन की एक मशीन की खरीदारी की है। जिसके जल्द रिम्स में पहुंचने की संभावना है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि कोरोना की तीसरी लहर के निपटने के लिए राज्य सरकार की ओर से तैयारी की जा रही है। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा प्रभावित होने के आशंका देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञों की एक सूची तैयारी की गई है।

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ताकि उनकी सेवा ली जा सके। इसके अलावा जिलों में होने वाली तैयारियों की निगरानी की जा रही है। ताकि तीसरी लहर में प्रभावितों को बेहतर इलाज प्रदान किया जा सके। अदालत ने राज्य में आक्सीमीटर, आक्सीजन कंस्ट्रेसर की कीमतों को निर्धारित करने के मामले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

झारखंड हाई कोर्ट में सदर अस्पताल के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि रांची सदर अस्पताल में जल्द ही आक्सीजन टैंक लगाया जाएगा। आक्सीजन टैंक पूणे से आना है। बनाने वाली कंपनी ने कहा है कि 12 जून को आक्सीजन टैंक को वहां से रवाना कर दिया जाएगा।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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