high court news

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित होने से यूजीसी के आदेश को चुनौती देने की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट से ली गई वापस

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 30 Jul, 2020
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
high court of delhi
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने यूजीसी के निर्देशों को चुनौती देने वाली एक याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी। क्योंकि इसी तरह का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी लंबित है। यूजीसी ने अपने आदेश में सितंबर के अंत तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करना कॉलेजों के लिए अनिवार्य किया गया था।

जस्टिस जयंत नाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई की और छात्र को याचिका सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की इजाजत दी। अदालत ने कहा कि याचिका वापस लेने की इजाजत देते हैं, याचिका वापस ली गई अत: खारिज मानी जाएगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र कबीर सचदेवा ने यूजीसी के छह जुलाई के उन दिशा-निर्देशों को चुनौती दी थी जिनमें कॉलेजों के लिए सितंबर माह के अंत तक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए कोविड-19 महामारी के मद्देनजर व्यक्तिगत उपस्थिति, ऑनलाइन या मिश्रित तरीके के साथ परीक्षा करवाना अनिवार्य किया गया था।

See also  लालू को जमानत मिलेगी या नहीं, शुक्रवार को होगा फैसला

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि यूजीसी के दिशा-निर्देशों को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट में ही जाना बेहतर होगा। वहीं, यूजीसी के अधिवक्ता कहा कि सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को यह मामला सूचीबद्ध है और उन्हें याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला है।

गौरतलब है कि उक्त याचिका में अंतिम वर्ष के छात्रों को बीते वर्षों के प्राप्तांकों के औसत तथा जारी वर्ष के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट करने का अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी।

See also  High Court: रात 12 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में बार और रेस्तरां नहीं रहे खुले- हाईकोर्ट

इसे भी पढ़ेंः बाबा वैद्यनाथ धाम में आम दर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को स्थिति स्पष्ट करने को कहा

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment