Civil Court News

Murder: मामूली विवाद पर बड़े भाई की हत्या के मामले में सगे दो भाई और उनकी पत्नियों को आजीवन कारावास की सजा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 01 Dec, 2021
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Ranchi: रांची के अपर न्यायायुक्त आरके मिश्रा की अदालत ने बड़े भाई विजय की हत्या (Murder) के मामले में अभियुक्त सगे दो छोटे भाइयों और उनकी पत्नियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने जिन्हें सजा सुनाई है, उसमें गानू उरांव, उसकी पत्नी सुनीता देवी, आशीष उरांव और उसकी पत्नी सुकरमनी देवी शामिल हैं।

अदालत ने इन चारों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त एक साल की सजा भुगतनी होगी। सुकरमनी देवी घटना के बाद से ही जेल में है। चारों पर बड़े भाई विजय उरांव की घर में ही मामूली विवाद पर लाठी, डंडे एवं कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने का आरोप है।

इस घटना को लेकर विजय की पत्नी सरिता देवी ने 10 अक्टूबर 2016 को मैक्सलुस्कीगंज थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले के एपीपी एसके मंडल ने बताया कि जोभिया (भूतहीटोली) गांव का रहने वाला विजय अपने मंझले भाई गानू उरांव की बेटी के साथ शाम के समय खेला रहा था।

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जिस पर परिवार में बहस होने लगी। विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मारपीट होने लगी। फिर अभियुक्तों ने अपने बड़े भाई पर प्रहार किया। सुकरमनी देवी ने घर में पड़ी कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार किया। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में अभियोजन की ओर से नौ गवाहों को प्रस्तुत किया गया था।

विधायक ढुलू महतो के निर्वाचन मामले में हाईकोर्ट ने मांगे दस्तावेज
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में बाघमारा विधायक ढुलू महतो की निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने निर्वाचन से संबंधित सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

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सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अरविंद लाल ने अदालत को बताया कि इस मामले से संबंधित सभी पक्षों को कोर्ट की ओर से जारी नोटिस का तामिला करा दिया गया है। हालांकि अभी तक निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से लिखित जवाब कोर्ट में दाखिल नहीं किया गया है।

उनकी ओर से एक आइए याचिका दाखिल की गई है। जिसमें चुनाव से संबंधित सभी दस्तावेज कोर्ट में पेश करने की मांग की गई है। इस पर अदालत ने चार सप्ताह में उक्त दस्तावेज कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। इस संबंध में जलेश्वर महतो की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि ढुल्लू महतो उम्मीदवारी के योग्य नहीं थे, क्योंकि उन्हें सजा मिली थी, इसलिए उनका चुनाव निरस्त किया जाए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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