Ranchi news: रांची हिंसा से जुड़े चार साल पुराने मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते दो-दो साल की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायिक दंडाधिकारी रित्विका सिंह की अदालत ने सुनाई।
अदालत ने एमडी उस्मान उर्फ करण, एमडी तावरू उर्फ तबाकर कुरैशी, एमडी सरफराज आलम, एमडी साबिर अंसारी और एमडी अफसर को गैरकानूनी जमाव, पुलिस के सरकारी काम में बाधा डालने के लिए बल प्रयोग, गाली-गलौज व अपमान और आपराधिक साजिश के आरोप में दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
सभी पर 10-10 का जुर्माना
अदालत ने अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसले में अदालत ने कहा कि अभियोजन ने आरोपियों की भीड़ में मौजूदगी और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, गाली-गलौज व पथराव को साक्ष्यों से साबित किया है। हालांकि, भीड़ के पास किस तरह के घातक हथियार थे, इसका स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला।
पोक्सो मामले में दो बरी
पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने गुरुवार को पोक्सो और दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है।
पहले मामले में बेड़ो थाना क्षेत्र के राजू महली पर नाबालिग को 27 अप्रैल 2023 को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का आरोप था। अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने स्पष्ट किया कि उसने स्वेच्छा से घर छोड़ा था और आरोपी के साथ उसका विवाह हो चुका है तथा उनका एक बच्चा भी है।
प्रेम संबंध होने पर बरी
वहीं दूसरे मामले में बुड़मू थाना क्षेत्र के तौसीफ मलिक पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप था। 20 जनवरी 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले में भी पीड़िता ने जिरह के दौरान प्रेम संबंधों की बात स्वीकार की, जबकि चिकित्सीय जांच रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला। इसे देखते हुए अदालत ने राजू महली और तौसीफ मलिक दोनों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया।

