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Lawyer murder: मनोज कुमार झा की हत्या के विरोध में न्यायिक कार्य से दूर रहे राज्य के तीस हजार अधिवक्ता, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

अधिवक्ता मनोज कुमार झा की हत्या (Advocate Manoj Jha Murder) के विरोध में आज राज्य के करीब तीस हजार अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे।

Ranchi: अधिवक्ता मनोज कुमार झा की हत्या (Advocate Manoj Jha Murder) के विरोध में आज राज्य के करीब तीस हजार अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे। इस दौरान सभी जिला बार संघ के पदाधिकारी अपने-अपने जिलों में सक्षम पदाधिकारी को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर ज्ञापन सौंपेगे।

इसको लेकर स्टेट बार काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया था। मनोज कुमार झा की हत्या के बाद बार काउंसिल के सदस्यों ने ऑनलाइन बैठक की थी। इस दौरान वकील की हत्या की घटना कड़ी निंदा की गई। कहा गया कि राज्य में अधिवक्ताओं पर हमले की घटनाएं बढ़ी है।

बार काउंसिल के निर्देश पर रांची जिला बार एसोसिएशन सहित झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से दूर रहे। इस दौरान किसी ने भी अदालत में किसी मामले की पैरवी नहीं की। अधिवक्ताओं की मांग कि राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।

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बार काउंसिल के चेयरमैन राजेंद्र कृष्णा ने बताया कि मृतक मनोज झा के परिजनों को मुआवजा की मांग के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है, जो इसके काम करेगी। वहीं, राज्य सरकार को एक माह का समय दिया गया है कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए।

इस पर काउंसिल के सदस्य हेमंत सिकरवार और संजय कुमार विद्रोही का कहना है कि राज्य सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की ड्राफ्ट कॉपी बहुत पहले ही दी गई है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

एक माह में अगर सरकार इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लेती है, तो बार काउंसिल की बैठक की जाएगी और सदस्यों के साथ विचार विमर्श करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसको लेकर राज्यपाल और सीएम से एक प्रतिनिधिमंडल मिलकर मांग करेगा।

बता दें कि रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार झा की तमाड़ के रड़गाव में अपराधियों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। इसके विरोध में सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने मंगलवार का आक्रोश मार्च निकाला था। हाईकोर्ट ने एसएसपी को तलब कर जल्द जांच पूरी करने को कहा है।

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