Ranchi News: रांची जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को नए बार भवन परिसर में लोक आस्था व प्रकृति से जुड़ा करम पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। करम पूजा समिति द्वारा आयोजित इस पूर्व संध्या कार्यक्रम में सिविल कोर्ट के न्यायिक अधिकारियों, पुरुष अधिवक्ताओं और बड़ी संख्या में महिला वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रधान न्यायायुक्त समेत न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी
कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सिविल कोर्ट रांची के प्रधान न्यायायुक्त (Principal Judicial Commissioner) अनिल कुमार मिश्रा (I) समेत कई अन्य सम्मानित न्यायिक पदाधिकारी विशेष रूप से शामिल हुए। बार भवन में पहुंचे अतिथियों और न्यायिक अधिकारियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।

पारंपरिक गीतों पर झूमे वकील, मांदर की थाप पर गुंजायमान हुआ परिसर
प्रकृति पर्व के इस खास मौके पर पूरा नया बार भवन परिसर झारखंडी संस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया। मांदर और ढोल की गूंज के बीच पुरुष अधिवक्ताओं के साथ-साथ काफी संख्या में महिला वकीलों ने करम के पारंपरिक गीतों पर समूह में नृत्य किया और एक-दूसरे को करम पर्व की शुभकामनाएं दीं।
“करम सिर्फ पूजा नहीं, पूरा विज्ञान और पर्यावरण का सम्मान है”
समारोह को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन के एडहॉक कमेटी के वरिष्ठ सदस्य संजय कुमार विद्रोही ने कहा, “करम पर्व केवल एक पूजा या रस्म नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति हमारी अटूट आस्था, पर्यावरण के संरक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का प्रतीक है। हमारी संस्कृति में वृक्षों और प्रकृति को पूजा गया है, जो आज के समय में पर्यावरण संतुलन के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।”
वरिष्ठ अधिवक्ताओं व एडहॉक कमेटी की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में बार एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी के सदस्य एस.पी. अग्रवाल, मुकेश कुमार केसरी समेत पूर्व कमेटी के सदस्य दीन दयाल सिंह, शंकर कुमार शर्मा, प्रदीप कुमार चौरसिया, पवन रंजन खत्री समेत कई सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी वकीलों ने आपसी भेदभाव और काम के तनाव को भूलकर एक साथ सांस्कृतिक उत्सव का आनंद लिया। अंत में उपस्थित सभी लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

