New Delhi/Ranchi News: केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 (Central Motor Vehicles Rules, 1989) के संशोधित नियम 167 के तहत चालान विवादों के निपटारे के लिए प्रशासनिक/विभागीय अधिकारियों को नामित किए जाने के विरोध में दिल्ली की अदालतों के वकीलों ने कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशंस की समन्वय समिति (Coordination Committee) ने सर्वसम्मति से इस नई व्यवस्था का विरोध करते हुए 24 सितंबर 2026 को पूर्ण हड़ताल और विरोध मार्च का आह्वान किया है।
प्रस्ताव की मुख्य बातें:
संशोधित नियम 167 का कड़ा विरोध: समन्वय समिति की 21 सितंबर 2026 को हुई आपातकालीन बैठक में नए तंत्र का कड़ा विरोध किया गया और इसे तुरंत वापस लेने या इस पर पुनर्विचार करने की मांग की गई। समिति का मानना है कि विवादित चालान का निपटारा न्यायिक प्रणाली के भीतर ही होना चाहिए ताकि न्यायपालिका की स्वतंत्रता, उचित प्रक्रिया और न्याय तक आम जनता की पहुंच बनी रहे।
24 सितंबर को काम ठप और विरोध मार्च: दिल्ली की सभी जिला अदालतों (तीस हजारी, पटियाला हाउस, रोहिणी, द्वारका, साकेत, कड़कड़डूमा, राउज एवेन्यू आदि) में 24 सितंबर 2026 को वकील न्यायिक कार्य से पूरी तरह अलग रहेंगे।
एलजी हाउस घेराव का प्लान: 24 सितंबर को सुबह 11:00 बजे सभी वकील तीस हजारी कोर्ट परिसर में एकत्र होंगे और वहां से उपराज्यपाल (Hon’ble Lieutenant Governor) के आवास तक एक शांतिपूर्ण और अनुशासित विरोध मार्च निकालेंगे।
समन्वय समिति के महासचिव नारवीर डबास ने कहा कि यदि इस मुद्दे का जल्द ही कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो वकीलों का यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।

