high court news

आदेश के बाद अल्पसंख्यक कॉलेज के शिक्षकों को पेंशन नहीं देने पर अदालत ने लगाया 36.50 लाख का हर्जाना

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 11 Sep, 2020
1 min read 1.2k views
high court of jharkhand
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रांची। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाई कोर्ट के आदेश को सही ठहराए जाने के बाद अल्पसंख्यक कॉलेज के शिक्षकों को पेंशन का लाभ नहीं देने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। जस्टिस एचसी मिश्र और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इसके लिए सरकार को निर्देश दिया कि वह सभी प्रार्थियों को हर्जाने के रूप में 50- 50 हजार रुपये का भुगतान बकाया पेंशन के साथ करें। अदालत ने उक्त आदेश का पालन कर 27 नवंबर तक इसकी जानकारी कोर्ट को देने का निर्देश दिया है। इसको लेकर मंजू शर्मा समेत 73 लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

याचिका में कहा गया था कि सरकार ने 19 दिसंबर 2012 को एक आदेश जारी कर कहा गया कि अल्पसंख्यक कॉलेज के शिक्षकों को पेंशन का लाभ दिया जाएगा, लेकिन उक्त तिथि के बाद वालों को ही पेंशन का लाभ दिया जाएगा। इस आदेश को कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि पेंशन का लाभ सभी को मिलना चाहिए। सरकार की उक्त नीति से उन्हें नुकसान हुआ है। सुनवाई के बाद एकलपीठ ने सरकार के आदेश को रद्द कर दिया और सरकार को सभी शिक्षकों को लाभ देने का आदेश दिया था। इसके बाद सरकार ने एकलपीठ के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ में अपील याचिका दाखिल की।

See also  Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कोर्ट में व्यक्तिगत उपस्थिति से मिली बड़ी राहत, छूट प्रदान की हाईकोर्ट ने

खंडपीठ ने सुनवाई के बाद एकलपीठ के आदेश को सही बताते हुए सभी शिक्षकों को पेंशन भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके बाद सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की याचिका खारिज कर दी और हाईकोर्ट के आदेश को सही बताया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार ने पेंशन का भुगतान नहीं किया। आदेश का पालन नहीं किए जाने पर प्रार्थियों ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए नाराजगी जताते हुए हर प्रार्थी को 50- 50 हजार अतिरिक्त राशि हर्जाने के तौर पर देने के साथ पेंशन भुगतान करने का निर्देश दिया। 

See also  Jharkhannd News/sentenced: चेक बाउंस मामले में ट्रायल कोर्ट का बरी आदेश पलटा, तीन आरोपियों को छह माह की सजा और 4 लाख जुर्माना

इसे भी पढ़ेंः रांची में खुले नालों को बंद करने के लिए गंभीरता से प्रयास करे नगर निगमः हाईकोर्ट

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment