Ranchi News: अपर न्यायायुक्त-18 कुलदीप की अदालत ने डीजे संचालक आलोक आनंद हत्याकांड के आरोपी सनी गुरूंग उर्फ सनी बहादुर गुरूंग को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। अदालत ने शनिवार को सुनाए फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने का आरोप संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
वर्ष 2013 में हुई थी हत्या
मामला वर्ष 2013 का है। डीजे कंपनी रिद्धि-सिद्धि के संचालक अलोक आनंद का 19 मई की रात हटिया रेलवे ऑफिसर्स क्लब में शादी समारोह में कार्यक्रम के दौरान अपने सहयोगी से यह कहकर निकले थे कि एक घंटे में लौट आएंगे। अगले दिन उनका सिर कटा शव जैप-1 कैंप के पास मिला था। शव से सिर गायब था। उनकी बाइक भी लापता थी। इस मामले में डोरंडा थाना में 20 मई 2013 को अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने 24 सितंबर 2022 को सनी गुरूंग के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत में अभियोजन ने तीन गवाहों की गवाही कराई। इनमें एक गवाह पक्षद्रोही हो गया, जबकि सूचक ने घटना की प्रत्यक्ष जानकारी नहीं होने और किसी आरोपी की पहचान नहीं कर पाने की बात कही। तीसरी गवाह पाली थापा ने भी जिरह में स्पष्ट किया कि घटना के दिन सनी गुरूंग वहां मौजूद नहीं था।
अदालत ने पाया कि उपलब्ध गवाहों और दस्तावेजों से सनी गुरूंग की संलिप्तता स्थापित नहीं होती। इसके बाद उसे आईपीसी की धारा 302/34 और 201/34 के आरोपों से बरी कर दिया गया।

