Ranchi News: रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त-5 शैलेंद्र कुमार की अदालत ने तमाड़ में हुए बहुचर्चित शंभू मुंडा हत्याकांड के आरोपी रमण प्रताप भगती को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए आरोपी की नियमित जमानत याचिका (Regular Bail Petition) खारिज कर दी।
भूमि विवाद में मारी गई थी गोली, सह-आरोपी के बयान पर हुई थी संलिप्तता उजागर
यह मामला तमाड़ थाना कांड संख्या 114/2025 से जुड़ा हुआ है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 की रात भूमि विवाद को लेकर शंभू मुंडा नामक व्यक्ति की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक की पत्नी रेनुका देवी के लिखित बयान के आधार पर तमाड़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अनुसंधान के दौरान मामले के एक सह-आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। सह-आरोपी ने अपने कथित स्वीकारोक्ति बयान में रमण प्रताप भगती के नाम का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था। आरोपी रमण प्रताप 23 दिसंबर 2025 से न्यायिक हिरासत (जेल) में बंद है।
तमाड़ जंगल से बरामद हुआ था देसी पिस्तौल और कारतूस
अदालत में पेश की गई केस डायरी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी रमण प्रताप भगती की निशानदेही पर पुलिस ने तमाड़ के जंगलों में सघन छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल के लिए छुपाकर रखा गया एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी पर हत्या की वारदात के लिए मुख्य शूटरों को हथियार और गोला-बारूद (Ammunition) उपलब्ध कराने का बेहद गंभीर आरोप है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि मामले के तथ्य और परिस्थितियां गंभीर हैं। यदि आरोपी को इस चरण पर जमानत पर रिहा किया जाता है, तो उसके द्वारा केस के महत्वपूर्ण गवाहों को डराने-धमकाने या प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इन्हीं आधारों पर कोर्ट ने जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।

