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Constitution Day: न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि हर नागरिक को होनी चाहिए संविधान की जानकारीः जस्टिस भेंगरा

Ranchi: Constitution Day संविधान की जानकारी न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को ही नहीं, बल्कि भारत के हर नागरिक को होनी चाहिए। उक्त बातें झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस रत्नाकर भेंगरा ने हज हाउस सभागार में संविधान दिवस पर आयोजित समारोह लोगों को संबोधित करते हुए कही। जस्टिस भेंगरा ने कहा कि संविधान का प्रस्तावना संविधान की आत्मा होती है। भारत का संविधान हर नागरिक को अपने कर्तव्य बोध से अवगत कराता है। इसलिए यह जरुरी है कि भारतीय संविधान की जानकारी भारत के हर नागरिक को हो।

हाईकोर्ट अधिवक्ता हिमांशु कुमार मेहता ने कहा कि अधिवक्ता के पेशे से जुड़े लोगों को समाज के प्रति काफी उत्तरदायी होना चाहिए। अधिवक्ताओं को हमेशा समाज के प्रति कुछ देने की भावना होनी चाहिए। अधिवक्ता मोख्तार खान ने कहा कि देश को यदि जोड़कर रखना है तो संविधान को बचाकर रखना होगा, क्योंकि संविधान ही देश को एक सूत्र में बांधकर रख सकता है।

इसे भी पढ़ेंः Law University: संविधान में महिला-पुरुष में भेदभाव नहीं तो समाज में क्यों, सोच बदलने की जरूरत

वरीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने कहा कि संविधान दिवस प्रतिज्ञान दिवस है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट हर मामले पर सचेत है और इन्हीं के कलम की ताकत से देश में तिरंगा लहरा रहा है। इससे पूर्व झारखंड स्टेट बार कौंसिल के सदस्य एवं इंडियन एसोसिएशन आफ लायर्स के राष्टीय सचिव एके रशीदी ने अतिथियों एवं सम्मेलन में भाग ले रहे अधिवक्ताओं का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि चार संगठनों के संयुक्त प्रयास से संविधान दिवस मनाया जा रहा है। हमारा प्रयास होगा कि आगे भी हम संयुक्त रुप से इस तरह के आयोजन करते रहेंगे। इस अवसर पर विविल कोर्ट रांची के अधिवक्ता अनिल कुमार कंठ, मनशाराम लोहरा, वाईजुर्रहमान ,बोकारो ला कालेज की प्रो सुचित्रा रानी आदि ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर सभी नये अधिवक्ताओं को संविधान की पुस्तक भेंट की गई।

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