Supreme Court News

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शादी का वादा शुरू से झूठा होने पर ही दुष्कर्म माना जाएगा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 07 Mar, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Stay on arrest of Abhishek Jha, husband of suspended IAS Pooja Singhal, accused of money laundering
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि यदि महिला से शादी करने का वादा शुरू से झूठा है तो उसे दुष्कर्म माना जा सकता है, अन्यथा ये दुष्कर्म नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए दुष्कर्म के एक अरोपी के खिलाफ दाखिल चार्जशीट निरस्त करने का आदेश दिया है। यह मामला उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की पीठ ने यह आदेश आरोपी सोनू की विशेष अनुमति याचिका पर दिया। सोनू ने याचिका में एफआईआर और चार्जशीट निरस्त करने का आग्रह किया था।

कोर्ट ने आदेश में कहा कि एफआईआर और चार्जशीट को पढ़ने भर से तथा साथ में पीड़ित के बयान से साफ है कि जब दोनों के बीच संबंध बना तब उसकी ओर से शादी करने का कोई इरादा नहीं था।

See also  ऑनलाइन व फिजिकल दोनों तरह की सुनवाई की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

न ही यह कहा जा सकता है कि शादी करने का वादा झूठा था। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियुक्त और पीड़ित के बीच रिश्ता आपसी सहमति का था। वहीं दोनों इस रिश्ते में करीब डेढ़ वर्ष से थे।

इसे भी पढ़ेंः ऑनलाइन व फिजिकल दोनों तरह की सुनवाई की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

बाद में जब अभियुक्त ने शादी करने से मना किया तो उसके आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस मामले में एफआईआर साफ कह रही है कि अभियुक्त और शिकायतकर्ता के बीच संबंध एक साल से ज्यादा समय से थे।

उसका अरोप था कि शादी के लिए अभियुक्त के परिजन राजी थे लेकिन अब शादी के लिए मना कर रहे हैं। इससे लगता है कि उसकी एकमात्र शिकायत सोनू का उससे विवाह नहीं करना है।

See also  लालू प्रसाद को बंगले में शिफ्ट करने के मामले में हाईकोर्ट सरकार से जवाब असंतुष्ट, फिर से मांगी पूरी जानकारी

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में शादी करने से मनाही बाद में की गई है जिसके आधार पर एफआईआर हुई है। हमें लगता है कि इस मामले में रेप का कोई आरोप नहीं बनता है। क्योंकि यह सामने नहीं आया है कि शादी का झूठा वादा करके सबंध बनाए गए।

पीठ ने कहा कि पीबी पवार बनाम महाराष्ट्र केस में हम तय कर चुके हैं कि धारा 375 के तहत महिला की सहमति कब और कैसे होगी। यह स्थापित करने के लिए दो बाते सिद्ध करनी होंगी।

शादी का वादा झूठा बुरे इरादे से दिया गया हो और अभियुक्त का वादा करने के समय ही उसका उसे पूरा करने का कोई इरादा न हो। इस वादे का महिला पर उससे संबंध बनाने के बारे में फैसला लेने से सीधा संबंध हो।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment