Delhi/Ranchi news: झारखंड के डीजीपी नियुक्ति के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की बेंच में सुनवाई होगी। आज सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की ओर से वरीय अधिवक्त कपिल सिब्बल ने पक्ष रखेंगे।
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि डीजीपी रैंक में महिला आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा प्रोन्नत हुई थीं, उन्हें बतौर डीजीपी मौका देने के लिए नियुक्ति नियमावली के नियम पांच में संशोधन किया गया।
बाबूलाल मरांडी ने दाखिल की है याचिका
इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की ओर से याचिका दाखिल की गई है। डीजीपी नियुक्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। जिसमें सेवानिवृति के एक दिन पूर्व डीजीपी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरित बताया गया था।
कपिल सिब्बल ने बताया कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर वह सरकार का पक्ष गुरुवार को कोर्ट में रखेंगे। इस मामले में आज भी सुनवाई होगी। डीजीपी नियुक्ति को लेकर बुधवार को दूसरी पाली में सुनवाई हुई।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की तरफ से याचिका में बताया गया था कि झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति में मनमानी की जाती है। यूपीएससी के पैनल से नियुक्त डीजीपी को समय से पहले पद से हटा दिया गया।
आज कपिल सिब्बल रखेंगे पक्ष
वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के आलोक में डीजीपी नियुक्ति नियमावली बनायी है। एमिकस क्यूरी ने सिर्फ नियम-5 में संशोधन पर आपत्ति की है। कपिल सिब्बल ने नियम-5 संशोधन की बात स्वीकार की। साथ ही यह भी कहा कि तदाशा मिश्रा ने नक्सल व अपराध के क्षेत्र में प्रभावकारी काम किया है।

