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कोरोना संकट में ऑनलाइन आर्बिट्रेशन की अपार संभावनाएंः जस्टिस अमिताभ राय

रांची। आत्मबोध संस्था द्वारा जस्टिस एसबी सिन्हा मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस अमिताभ रॉय कहा कि मौजूदा समय में ऑनलाइन आर्बिट्रेशन में बहुत सारी संभावनाएं है। इस दौर में जब लगभग पूरी दुनिया ऑनलाइन कार्य कर रही है प्रत्येक क्षेत्र में ऑनलाइन कार्य किए जाने की संभावना तलाशी जा रही है। ऐसे में आर्बिट्रेशन भी ऑनलाइन किया जा सकता है। हालांकि प्रारंभ में इसमें कई समस्याएं भी आएंगी लेकिन समय के साथ उसे दूर कर लिया जाएगा। आने वाले वक्त में ऑनलाइन आर्बिट्रेशन बहुत संभावनाएं है। उन्होंने जस्टिस एसबी सिन्हा के संबंध में बताते हुए कहा कि वह हम सभी के प्रेरणा स्रोत थे हैं और हमेशा रहेंगे। उनकी अपने काम के प्रति प्यार और अभिरुचि के बारे में उन्होंने कई व्यक्तिगत उदाहरण देकर बताया। जस्टिस अमिताभ राय ऑनलाइन आर्बिट्रेशन संभावनाएं और समस्याएं पर आयोजित वेबीनार को संबोधित कर रहे थे।

हम सभी के प्रेरणास्रोत थे जस्टिस एसबी सिन्हा

इस मौके पर झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन ने जस्टिस एसबी सिन्हा को वास्तविक कर्मयोगी और झारखंड न्यायपालिका का गौरव कहा। जस्टिस सेन ने उनके बारे में बोलते हुए बताया कि उनकी मेमोरी आज के कंप्यूटर से भी कहीं ज्यादा थी। वह हमेशा अपने कार्य से प्यार करते थे। वह हम सभी के प्रेरणा स्रोत हैं और रहेंगे। इस मौके पर राज्य के पूर्व अपर महाधिवक्ता अनूप कुमार मेहता ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि जस्टिस एसबी सिन्हा के जूनियर के तौर पर उन्हें कार्य करने का मौका मिला। कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं उनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है।

किसी पर निर्णय नहीं थोपते थे

इस लेक्चर में झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता और जस्टिस एसबी सिन्हा के पुत्र इंद्रजीत सिन्हा ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं उनके बदौलत ही हैं। उन्होंने कहा कि उनका पढ़ाई और किताबों के प्रति अगाध प्रेम था। वह अपना निर्णय कभी भी किसी पर थोपते नहीं थे यहां तक कि अपने बच्चों को भी उन्होंने स्वयं निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के प्रति भी असीम प्रेम का भाव रखते थे। वे सभी से उनका व्यक्तिगत हाल-चाल जानते थे और वह हम सबों के प्रेरणा स्रोत हैं। इस कार्यक्रम का संचालन आत्मबोध के सचिव डॉ मौर्य विजय चंद्र ने किया और धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता रूपेश सिंह ने किया।

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