high court news

मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को हाई कोर्ट से राहत, आपराधिक मामला निरस्त

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 27 Jul, 2023
1 min read 1.2k views
jharkhand high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत निचली अदालत के संज्ञान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने प्रार्थी को राहत देते हुए निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान सहित सभी आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया।

इसको लेकर मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के सचिव अरूण कुमार बुधिया की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के सचिव ने दाखिल की थी याचिका

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के सचिव अरूण बुधिया के कार्यकाल में जमीन के लिए पैसों की लेनदेन नहीं हुई थी।

See also  Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के मतगणना को बाधित करने के मामले में तीन अधिवक्ताओं को नोटिस, जवाब नहीं देने पर होगा लाइसेंस निलंबित

इसे भी पढ़ेः शिक्षक प्रोन्नतिः हाई कोर्ट ने कहा- सरकार का भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति देने का आदेश बिल्कुल सही, नहीं करेंगे हस्तक्षेप

यह मामला सिविल विवाद का है, जिसमें आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराया जा सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट के पूर्व सचिव के कार्यकाल में पैसे की लेनदेन हुई थी।

ऐसे आपराधिक मामला उत्तराधिकारी पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है। उक्त जमीन के टाइटल को लेकर रतन जालान ने सिविल कोर्ट में सिविल शूट दाखिल किया है।

इसे भी पढ़ेंः चेक बाउंसः बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल पर 500 रुपये का हर्जाना

इसके बाद अदालत ने मामले को सिविल विवाद मानते हुए आपराधिक मामला निरस्त कर दिया। बता दें कि पूर्व में ट्रस्ट के अध्यक्ष वासुदेव कटारूका और धर्मचंद्र जैन का निधन हो चुका है।

See also  Masanjor Dam controversy: हाईकोर्ट ने कहा- सरकार नींद से जागे और अपने अधिकार की लड़ाई स्वयं लड़े

इस मामले में रतन जालान की ओर से वर्ष 2013 में कोतवाली थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया था।

प्राथमिकी में ट्रस्ट के तत्कालीन अध्यक्ष वासुदेव कटारूका और सचिव धर्मचंद्र जैन के बाद सचिव बने अरूण बुधिया पर ट्रस्ट की जमीन बेचने में धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया। रतन जालान ने कहा कि वर्ष 2012 में ट्रस्ट की अपर बाजार स्थित जमीन का सौदा 51 लाख रुपये में किया गया।

इसे भी पढ़ेंः Teacher appointment: हाई कोर्ट ने पूछा- सीटेट वालों को शिक्षक नियुक्ति में शामिल किए जाने पर सरकार क्या है पक्ष

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment