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Judges Appointment: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वरिष्ठता, योग्यता पर विचार के बाद ही की जाती है जजों की नियुक्ति, अधिवक्ता पर पांच लाख का हर्जाना

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Sep, 2021
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New Delhi: Judges Appointment सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया एक सुस्थापित प्रक्रिया के माध्यम से होती है, जिसमें हाईकोर्ट का कोलेजियम जजों की वरिष्ठता, योग्यता और सरकार द्वारा उनके बारे में प्राप्त सभी सूचनाओं पर विचार करता है। शीर्ष कोर्ट ने एक जज की पदोन्नति रोकने की कोशिश करने और अदालती कार्यवाही का दुरुपयोग करने पर अधिवक्ता बी. शैलेश सक्सेना पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए यह टिप्पणी की।

जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ के समक्ष शैलेष सक्सेना ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ए. वेंकटेश्वर रेड्डी को तेलंगाना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव पर प्रस्तुत अपने विरोध-पत्र पर विचार करने और आदेश जारी करने की मांग की थी।

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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय कोलेजियम ने 17 अगस्त को हुई बैठक में रेड्डी सहित छह न्यायिक अधिकारियों को तेलंगाना हाई कोर्ट के जजों के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। शैलेश सक्सेना ने अपनी याचिका में केंद्र, तेलंगाना और तेलंगाना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (सतर्कता और प्रशासन) को अपने विरोध-पत्र पर विचार करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ए. वेंकटेश्वर रेड्डी के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं और कहा कि जज के रूप में उनकी पदोन्नति नहीं की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम याचिकाकर्ता की बेशर्मी देखकर आश्चर्यचकित हैं, क्योंकि अब वह मौजूदा याचिका को संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल कर रहे हैं।

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पीठ ने कहा कि हमारा विचार है कि लागत की उचित वसूली ही एकमात्र समाधान प्रतीत होता है। हम इस प्रकार रिट याचिका को खारिज करते हुए चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स आन रिकार्ड वेलफेयर फंड में पांच लाख रुपये जमा करने का निर्देश देते हैं। हम यह भी उचित समझते हैं कि बार काउंसिल ऑफ तेलंगाना याचिकाकर्ता की एक सदस्य के रूप में आचरण की जांच करे और उस उद्देश्य के लिए आदेश की एक प्रति तेलंगाना बार काउंसिल को भेजी जाए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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