झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम के कर्मियों के पेंशन में कटौती व वसूली पर हाई कोर्ट की रोक

इसमें कहा गया कि जेयूयूएनएल के 69 फोरमैन को बिना किसी नियम के ही हेड फोर मैन में प्रोन्नति दे दी गई है।

झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में पेंशन में कटौती और वसूली करने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने झारखंड उर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड (जेयूयूएनएल) के आदेश पर रोक लगा दी और जेयूयूएनएल से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

इसको लेकर दिनेश प्रसाद मंडल व अन्य 22 की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चंचल जैन की ओर से अदालत को बताया गया कि जेयूयूएनएल की ओर से दिसंबर 2020 को एक आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि जेयूयूएनएल के 69 फोरमैन को बिना किसी नियम के ही हेड फोर मैन में प्रोन्नति दे दी गई है।

इसलिए इन कर्मियों के पेंशन में कटौती की जाएगी और अब तक मिली अधिक राशि उनके पेंशन राशि से वसूली जाएगी। अदालत को बताया गया कि जेयूयूएनएल ने बिना शोकॉज किए ही ऐसा आदेश जारी किया है, जो सही नहीं है। इसलिए उक्त आदेश पर रोक लगाई जाए। इसके बाद अदालत ने जेयूयूएनएल के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।

Most Popular

बेटी से छेड़खानी की शिकायत पर पिता की गोली मारकर हत्या, CM योगी ने रासुका लगाने का दिया निर्देश

हाथरस : उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सासनी थाना क्षेत्र के नौजरपुर गांव में अमरीश को इसलिए गोली मारकर हत्या...

नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या पीड़िता से करोगे शादी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से रेप के आरोपी से पूछा कि क्या वह पीड़िता से शादी करने को...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लीव-इन-रिलेशनशिप में रहने वालों के बीच बने शारीरिक संबंध को क्या दुष्कर्म माना जाए

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए सवाल उठाया कि क्या लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े के...

Lalu Yadav: चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले में गिरते दिख रहे लालू प्रसाद, अंतिम बहस शुरू

रांचीः Lalu Yadav बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चारा घोटाला के सबसे ज्यादा निकासी 139...