Civil Court News

Court News: कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन को नहीं मिली बेटे के नामकरण समारोह में जाने की अनुमति

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 28 Nov, 2021
1 min read 1.2k views
kundan pahan
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Court News एनआईए की विशेष कोर्ट में हजारीबाग जेल में बंद कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन को अपने नवजात बच्चे के नामकरण समारोह में शामिल होने की अनुमति मांगने वाली याचिका सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कुंदन पाहन की याचिका खारिज कर दी। हाल में ही कुंदन पाहन पिता बना है।

29 नवंबर को उसके बेटे का नामकरण किया जाना है। इसमें शामिल होने के लिए उसने अदालत से दो दिनों की पैरोल पर जाने की अनुमति मांगी थी। कुंदन पाहन के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान अदालत को बताया कि प्रार्थी के बेटे का नामकरण होना है। इसलिए उसे 29 एवं 30 नवंबर को पैरोल पर छोड़े जाने की अनुमति प्रदान की जाए, ताकि वह अपने बेटे के नामकरण समारोह में शामिल हो सके।

कुंदन पाहन ने नामकुम थाना स्थित मकान में अपने बेटे का सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ नामकरण करने की इच्छा जताई थी। लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी। बता दें कि पुलिस के सामने आत्म समर्पण करने के बाद कुंदन पाहन अपने परिवार के साथ हजारीबाग के ओपन जेल में रह रहा है। कुंदन पाहन पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड सहित अन्य मामलों में जेल में बंद है।

See also  Ranchi News: उग्रवादी जगरनाथ सिंह मुंडा के खिलाफ गवाही देने नहीं पहुंचे पुलिस पदाधिकारी, कोर्ट ने किया रिहा

इसे भी पढ़ेंः 7th JPSC Exam News: मॉडल उत्तर गलत होने का दावा, परिणाम को निरस्त करने की मांग

देवघर में जमीन अधिग्रहण मामले में सरकार से मांगा जवाब
हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में देवघर में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि जब भूमि का अधिग्रहण किया गया है तो क्या रैयती को मुआवजा दिया गया है। इसकी विस्तृत जानकारी कोर्ट में दाखिल की जाए। मामले में अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी।

See also  Jharkhand News/H Court: रिम्स अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट का आदेश, कैलाश कोठी हटाने पर कोई रोक नहीं

इस संबंध में लक्ष्मण मंडल सहित सात अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान इनके अधिवक्ता निरंजन कुमार ने अदालत को बताया कि देवघर के देवीपुर में वर्ष 2006 में 57.27 एकड़ जमीन का औद्योगिक उपयोग के लिए अधिग्रहण किया गया था। हाल में अब उक्त जमीन की चारदीवारी की जा रही है। अब ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया था।

उस दौरान सिर्फ एक नोटिस जारी किया गया था। पुराने जमीन अधिग्रहण एक्ट के अनुसार अगर अधिग्रहण की गई जमीन का पांच सालों तक जमीन पर कब्जा नहीं किया गया तो जमीन रैयतों को वापस होना माना जाएगा, इसलिए उक्त जमीन पर होने वाले निर्माण पर रोक लगाई जाए। अदालत ने इसपर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment